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चुनाव याचिका खारिज करने की मांग ठुकराई
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हाईकोर्ट में जारी रहेगी सुनवाई
भुवनेश्वर। झारसुगुड़ा से भाजपा विधायक टंकधर त्रिपाठी को चुनाव विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने ओडिशा हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पूर्व विधायक दीपाली दास की चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने से इनकार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा टंकधर त्रिपाठी की याचिका खारिज किए जाने के बाद अब इस चुनाव विवाद मामले की सुनवाई ओडिशा हाईकोर्ट में जारी रहेगी।
हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
टंकधर त्रिपाठी ने हाईकोर्ट द्वारा उनकी आपत्ति खारिज किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जीके अग्रवाल ने दलील दी थी कि दीपाली दास की चुनाव याचिका में पर्याप्त तथ्य नहीं हैं, न ही कोई वैध आधार या ऐसा मुद्दा है जिस पर न्यायिक सुनवाई की आवश्यकता हो।
हालांकि, ओडिशा हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। न्यायमूर्ति शशिकांत मिश्र ने अपने आदेश में कहा था कि दीपाली दास की याचिका में ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य और मुद्दे उठाए गए हैं, जिन पर सुनवाई और परीक्षण आवश्यक है।
नामांकन हलफनामे और मतगणना पर उठाए सवाल
बीजद उम्मीदवार के रूप में 2024 विधानसभा चुनाव लड़ने वाली दीपाली दास ने अपनी याचिका में टंकधर त्रिपाठी के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि त्रिपाठी ने अपने नामांकन हलफनामे में कुछ जानकारियां छिपाई थीं। इसके अलावा मतगणना प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
दीपाली दास ने आरोप लगाया है कि आठ मतदान केंद्रों के 12 कंट्रोल यूनिटों के कुल 6,313 वोटों की गणना नहीं की गई। याचिका में मतगणना में अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
1,333 वोटों से हुई थी हार
उल्लेखनीय है कि 2024 विधानसभा चुनाव में दीपाली दास को टंकधर त्रिपाठी के खिलाफ 1,333 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। अब इस मामले की आगे की सुनवाई ओडिशा हाईकोर्ट में होगी।
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