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पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
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बोले- सोमनाथ मंदिर 140 करोड़ भारतीयों का आत्मसम्मान का प्रतीक
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सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए दौर का साक्षी बन रहा भारत – मोहन माझी
भुवनेश्वर। सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को लिंगराज मंदिर स्थित एकाम्र क्षेत्र में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मोहन चरण माझी ने अपने संबोधन में सोमनाथ और लिंगराज के बीच मौजूद गहरे और अदृश्य आध्यात्मिक संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि सोमनाथ भारत के पश्चिम का प्रहरी है, तो लिंगराज पूर्व की अडिग शक्ति का प्रतीक है।
एकाम्र पीठ में उस समय विशेष आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुजरात के प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित भव्य समारोह का सीधा प्रसारण देखा।
गुजरात से श्री सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन एवं पूजा-अर्चना कार्यक्रम को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने श्रद्धापूर्वक देखा और लिंगराज पीठ के श्रद्धालुओं के साथ उस आध्यात्मिक क्षण को साझा किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति की रक्षा तथा शैव पीठों के विकास पर विशेष जोर देते हुए सोमनाथ मंदिर के संघर्षपूर्ण इतिहास का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा भारतीय सभ्यता के पुनर्स्थापन की ऐतिहासिक शुरुआत थी, और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि वर्ष 1951 में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश अब सांस्कृतिक जागरण के नए अध्याय का साक्षी बन रहा है।
सनातन आस्था की अमिट शक्ति
इतिहास के पन्नों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रमणकारियों ने कई बार मंदिरों को ध्वस्त कर भारत की आत्मा को मिटाने का प्रयास किया, लेकिन सनातन आस्था की अमिट शक्ति के कारण यह परंपरा हर बार पुनर्जीवित होकर और अधिक दृढ़ता के साथ उभरी है। मुख्यमंत्री ने ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को और मजबूत बनाने का संकल्प भी दोहराया।
एकाम्र क्षेत्र और श्रीजगन्नाथ संग्रहालय के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने एकाम्र क्षेत्र के विकास के लिए 330 करोड़ रुपये की परियोजनाओं तथा श्री जगन्नाथ संग्रहालय के लिए 1000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य ओडिशा को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।
ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर
उन्होंने “ऑरेंज इकोनॉमी” को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, जिसके तहत संस्कृति आधारित पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि संकट के समय सोमनाथ भारत के स्वाभिमान का प्रतीक बनकर उभरा।
इस अवसर पर सांसद अपराजिता षाड़ंगी, एकाम्र विधायक बाबू सिंह, संस्कृति सचिव डॉ विजय केतन उपाध्याय तथा खुर्दा कलेक्टर अमृत ऋतुराज सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अंत में मुख्यमंत्री ने ओडिशा वासियों से सरदार वल्लभ भाई पटेल के साहस और नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि से प्रेरणा लेकर समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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