-
मानवता मर चुकी है
-
पृथ्वीराज हरिचंदन ने भीड़ हिंसा पर जताया गहरा दुख
-
कहा- कानून नहीं, भीड़ का फैसला बन रहा खतरा
भुवनेश्वर। ओडिशा के बालियंता में हुई दर्दनाक मॉब लिंचिंग की घटना पर राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। मंत्री ने “मानवता मर चुकी है” शीर्षक से एक भावुक और चिंतनशील कविता लिखकर समाज में बढ़ती भीड़ हिंसा और मानवता के पतन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गौरतलब है कि बालियंता में उग्र भीड़ द्वारा जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य और देश में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कानून मंत्री ने अपनी कविता में कहा कि इस घटना को देखकर ऐसा महसूस होता है मानो समाज से मानवता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि मां की सीख, विद्यालय की शिक्षा, संस्कृति, धर्मग्रंथों और संतों द्वारा दिए गए नैतिक मूल्यों का आखिर क्या हुआ, जो इंसान सही और गलत में फर्क करना भूल गया।
उन्होंने भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति को “कंगारू कोर्ट” मानसिकता बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। मंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलती करता भी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार कानून और पुलिस व्यवस्था को है, न कि भीड़ को।
कविता में उन्होंने यह भी कहा कि सभ्य समाज में इस प्रकार की राक्षसी प्रवृत्ति बेहद शर्मनाक है। उन्होंने भगवान महाकाल का स्मरण करते हुए ऐसी घटनाओं को समाप्त करने की प्रार्थना की और कहा कि ऐसे कृत्यों के बाद स्वयं को इंसान कहना भी शर्म की बात लगती है।
उन्होंने युवाओं और समाज से अपील की कि वे असभ्य मानसिकता को त्यागकर लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय गरिमा की रक्षा करें। उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
बालियंता मॉब लिंचिंग मामला अभी भी पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
