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रोजाना होगी ब्रीफिंग परेड
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ईआरवी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण और आदतन अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश
भुवनेश्वर। ओडिशा में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, प्रभावी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से राज्य के पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्यभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार, पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय तथा पुलिसिंग को अधिक सक्रिय और जनोन्मुखी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
हर थाने में सुबह 9 बजे से पहले होगी अनिवार्य ब्रीफिंग परेड
डीजीपी ने सभी एसपी, रेंज आईजी और डीआईजी को तत्काल प्रभाव से विशेष और परिणामोन्मुखी अपराध नियंत्रण उपाय लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब राज्य के प्रत्येक थाना में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से पहले अनिवार्य “ब्रीफिंग परेड” आयोजित की जाएगी।
इस दौरान स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध प्रभावित क्षेत्रों, सक्रिय अपराधियों और लंबित मामलों की जांच की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि इससे पुलिस बल की सतर्कता, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी।
ईआरवी कर्मियों को मिलेगा विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण
डीजीपी ने इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ईआरवी) में तैनात सभी कर्मचारियों को व्यापक व्यावसायिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की दक्षता और त्वरित कार्रवाई क्षमता को बढ़ाना है।
आदतन अपराधियों और मादक पदार्थ गिरोहों पर सख्ती
बैठक में लंबित गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के शीघ्र निष्पादन, आदतन और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कड़ी कार्रवाई तथा मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों में मजबूत बीट पेट्रोलिंग, राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लक्षित अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
हत्या जैसे गंभीर मामलों की होगी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी
डीजीपी ने निर्देश दिया कि हत्या जैसे गंभीर मामलों की लगातार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी ताकि त्वरित गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अगले 15 दिनों के भीतर पुलिस इकाइयों को अपनी सकारात्मक कार्रवाई, त्वरित हस्तक्षेप और जनसेवा से जुड़े कार्यों को सक्रिय रूप से सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता पुलिस की गतिविधियों से अवगत रह सके।
भुवनेश्वर कमिश्नरेट के थाना प्रभारियों के साथ अलग समीक्षा बैठक
दिन में बाद में डीजीपी ने भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस के सभी थाना प्रभारियों के साथ अलग से समीक्षा बैठक की। इसमें राजधानी की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, संवेदनशील मामलों, जनहितैषी व्यवहार और यातायात प्रबंधन पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों से राजधानी में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी तथा नागरिक-केंद्रित बनाने का आह्वान किया।
बैठक में विनयतोष मिश्रा, आरपी कोचे, संजय कुमार, डॉ एस देवदत्त सिंह और नरसिंह भोल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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