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नवरंगपुर में आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद डीजीपी का बड़ा कदम
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विभागीय जांच भी शुरू
नवरंगपुर। ओडिशा के नवरंगपुर जिले के डाबूगांव थाना में हिरासत में आरोपी की मौत के मामले में राज्य पुलिस मुख्यालय ने कड़ी कार्रवाई की है। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया ने डाबूगांव थाना के निरीक्षक प्रभारी (आईआईसी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि आईआईसी के खिलाफ गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। आदेश के अनुसार, जनहित और पुलिस सेवा की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी दक्षिण-पश्चिमी रेंज, कोरापुट के डीआईजी के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेंगे। ओडिशा सेवा संहिता के नियम 90 के तहत उन्हें विशेष भत्ता और महंगाई भत्ता दिया जाएगा। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को मेडाना पंचायत के अंतर्गत अंचला गांव निवासी पूर्णा कालार की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस ने उसे एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण मामले में गिरफ्तार किया था। बताया गया कि पूर्णा कालार का शव डाबूगांव थाना के शौचालय में फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामले ने राज्यभर में पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस विभाग ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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