-
ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने सशस्त्र बलों को किया नमन
भुवनेश्वर। मोहन चरण माझी और केवी सिंहदेव ने ऑपरेशन सिन्दुर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन करते हुए इसे नए भारत के संकल्प, सटीकता और शक्ति का प्रतीक बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह अभियान देश की संप्रभुता, सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक नीति का मजबूत संदेश है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को जारी अपने संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिन्दुर ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत को करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों का साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण देश के गौरव की निरंतर रक्षा कर रहा है।
भारत की सुरक्षा से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दुर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि नए भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की राष्ट्र रक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि देश अपने वीर जवानों के योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की स्पष्ट झलक है।
राष्ट्र रक्षा का पवित्र संकल्प है ऑपरेशन सिन्दुर- उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने भी ऑपरेशन सिन्दुर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा और सम्मान बनाए रखने का पवित्र संकल्प है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दुर की पहली वर्षगांठ पर मैं इस मिशन को परिभाषित करने वाले अदम्य साहस, अनुशासन और बलिदान को विनम्र सलाम करता हूं।
सिंहदेव ने कहा कि बीते एक वर्ष में ऑपरेशन सिन्दुर देशभक्ति, एकता और दृढ़ता का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने दिखाया कि देश की वास्तविक ताकत उसके सैनिकों के सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति में निहित है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान
ऑपरेशन सिन्दुर की शुरुआत 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी। अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी ढांचों पर समन्वित और सटीक कार्रवाई की गई थी। इस सैन्य अभियान को आतंकवाद और सीमा पार आतंकी गतिविधियों के खिलाफ भारत की सबसे महत्वपूर्ण जवाबी कार्रवाइयों में से एक माना जाता है।
देशभर में वीर जवानों को श्रद्धांजलि
ऑपरेशन सिन्दुर की पहली वर्षगांठ पर देशभर में राजनीतिक नेताओं, रक्षा अधिकारियों और आम नागरिकों ने भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी सशस्त्र बलों के साहस को नमन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दुर आने वाले समय में भी राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाएगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
