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10 घंटे के रेस्क्यू के बाद मौत की गुफा से निकला मासूम
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सामाने अजगर और मधुमक्खियों के हमले के बीच चला बचाव अभियान
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नयागढ़ के जंगल के गुफा में शहद निकालने गया बालक चट्टानी गुफा में फंसा
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मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दमकल टीम की सराहना की
नयागढ़। ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक 11 वर्षीय बालक को चट्टानी गुफा से लगभग 10 घंटे की कठिन मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। गुफा में सामने अजगर था और मधुमक्खियां हमले कर रही थीं। यह रोमांचक तथा दिल दहलाने वाला बचाव अभियान उस समय चला जब बच्चा जंगल में शहद निकालने के दौरान एक संकरी गुफा में फंस गया था।
जानकारी के अनुसार, ओडगांव थाना क्षेत्र के बांसगड़िया गांव निवासी कुनी प्रधान का पुत्र शिवा प्रधान बुधवार सुबह अपने दादा राम प्रधान के साथ जंगल में जंगली शहद इकट्ठा करने गया था। शहद के छत्ते तक पहुंचने की कोशिश में शिवा सिर के बल एक संकरी चट्टानी गुफा में घुस गया, लेकिन कुछ ही क्षणों में वह अंदर बुरी तरह फंस गया। वह न आगे बढ़ पा रहा था और न ही पीछे निकल पा रहा था।
दादा राम प्रधान ने पहले अपने स्तर पर शिवा को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर गांव जाकर लोगों को सूचना दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन गुफा के मुहाने पर मौजूद विशाल चट्टानों के कारण प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद ओडगांव अग्निशमन सेवा को सूचना दी गई।
इसके बाद शुरू हुआ 10 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन, जिसमें ओडागांव, नयागढ़ और भुवनेश्वर से पहुंची स्ट्राइकिंग फोर्स की टीम शामिल हुई। बचावकर्मियों ने भारी चट्टानों पर रस्सियां बांधीं, पत्थरों को काटा और पंखों व ब्लोअर के जरिए गुफा के अंदर लगातार हवा पहुंचाई।
मधुमक्खियां लगातार लोगों पर हमला करती रहीं
रेस्क्यू के दौरान शहद के छत्ते से परेशान मधुमक्खियां लगातार लोगों पर हमला करती रहीं, लेकिन टीम और ग्रामीण डटे रहे। बचावकर्मी लगातार शिवा से बात करते रहे ताकि उसका मनोबल बना रहे।
गुफा में शिवा के पास छिपा था विशाल अजगर
रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिस चट्टानी दरार में शिवा फंसा था, वहीं उसके पास एक विशाल अजगर भी मौजूद था। कैमरा टीम को ऑपरेशन के दौरान अजगर दिखाई दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अजगर ने शिवा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
शिवा ने असाधारण धैर्य दिखाया
अंधेरी और संकरी गुफा में फंसे रहने के बावजूद शिवा ने असाधारण धैर्य दिखाया। बाहर उसकी मां आंखों में आंसू लिए बेटे की सलामती की प्रार्थना करती रही, जबकि उसकी छोटी बहन भाई के बाहर आने का इंतजार करती रही।
एयर-जैक तकनीक से मिली सफलता
रेस्क्यू अभियान में निर्णायक सफलता तब मिली जब भुवनेश्वर से पहुंची स्ट्राइकिंग फोर्स ने विशेष एयर-जैक तकनीक का इस्तेमाल कर विशाल चट्टान को धीरे-धीरे ऊपर उठाया। कुछ देर बाद सबसे पहले शिवा का सिर बाहर दिखाई दिया और फिर थका हुआ लेकिन मुस्कुराता हुआ शिवा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।इसके तुरंत बाद उसे इलाज और स्वास्थ्य जांच के लिए ओडागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने की टीम की सराहना
मोहन चरण माझीने इस साहसिक बचाव अभियान के लिए ओडिशा फायर सर्विस और इमरजेंसी रिस्पांस टीम की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा और कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संकट के समय सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ही एक सक्षम प्रशासन की पहचान होती है। हमारी सरकार केवल संकल्प नहीं लेती, बल्कि हर संकट में ओडिशा के लोगों की सुरक्षा कवच बनने के लिए प्रतिबद्ध है। शाम को फायर सर्विस के निदेशक भी अस्पताल पहुंचे और शिवा का हालचाल जानने के साथ रेस्क्यू टीम की प्रशंसा की।
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