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प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई
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89 शहरी स्थानीय निकायों में अमृत 2.0 परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन
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4,030.18 करोड़ रुपये की लागत से 345 परियोजनाएं शुरू
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107 परियोजनाएं हो चुकी हैं पूरी
भुवनेश्वर। अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन में ओडिशा ने देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। राज्य सरकार के निर्णायक नेतृत्व और सुशासन के चलते शहरी जल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है।
राज्य सरकार की स्पष्ट राजनीतिक प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप 89 शहरी स्थानीय निकायों में अमृत 2.0 परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। कुल 4,030.18 करोड़ रुपये की लागत से 345 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य सार्वभौमिक जल आपूर्ति और शहरी जल निकायों का पुनर्जीवन है। इनमें से 107 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं की प्रगति उच्च स्तर पर लगातार निगरानी के तहत जारी है।
शहरी विकास एजेंडे में जल सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। 43 एमएलडी क्षमता वाले सात नए जल शोधन संयंत्र शुरू किए गए हैं, जिससे लगभग 2.83 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, प्रमुख शहरों में 24 घंटे सात दिन जल आपूर्ति व्यवस्था लागू की गई है और 2.7 लाख से अधिक घरों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे 5 लाख से अधिक शहरी निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
सरकार के समावेशी दृष्टिकोण के तहत ‘अमृत मित्र’ और ‘वूमेन फॉर ट्री’ जैसी पहलों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। इन कार्यक्रमों के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों को जल निकायों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाया गया है। साथ ही, ‘पेय जल सर्वेक्षण’ और ‘जल ही अमृत’ जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ समन्वय स्थापित कर जल प्रबंधन और पुन: उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सुधारोन्मुखी प्रशासन को मजबूत करते हुए राज्य सरकार ने नवाचार आधारित वित्तीय मॉडल भी अपनाए हैं। ‘क्रेडिट एन्हांसमेंट इनिशिएटिव’ के तहत छोटे शहरी निकायों के लिए 70.27 करोड़ रुपये की 16 परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा, भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर और ब्रह्मपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत 3,030.61 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि ओडिशा की यह उपलब्धि सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीतिगत दिशा और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हम केवल योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक व्यापक शहरी जल क्रांति ला रहे हैं, जिससे हर घर तक सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल पहुंच सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य समयबद्ध कार्यान्वयन, जवाबदेह प्रशासन और भविष्य के लिए सक्षम बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिससे राज्य के शहरों को सशक्त बनाया जा सके और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। “विकसित ओडिशा” के विजन के तहत राज्य सरकार शहरी परिवर्तन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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