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केंदुझर मुद्दे पर नारेबाजी
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महिला सहभागिता पर चर्चा का प्रस्ताव पेश
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कांग्रेस के विरोध से विशेष सत्र बाधित, स्पीकर के पोडियम के पास नारेबाजी
भुवनेश्वर। संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत बुलाए गए ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही की शुरुआत से ही विरोध प्रदर्शन करते हुए सदन की कार्यवाही बाधित कर दी।
कांग्रेस सदस्यों ने स्पीकर के पोडियम के पास पहुंचकर केंदुझर मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की और जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष के दबाव के चलते बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सत्र के दौरान लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा का प्रस्ताव पेश किया। यह एक दिवसीय विशेष सत्र खास तौर पर भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका पर विचार के लिए बुलाया गया था।
पहले ही जारी हुआ था एजेंडा
विधानसभा सचिवालय द्वारा पहले ही सत्र का एजेंडा जारी कर दिया गया था, जिसमें महिला सहभागिता पर चर्चा को मुख्य विषय रखा गया था।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई। करीब 30 प्लाटून बल तैनात किए गए और तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। साथ ही, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लोअर पीएमजी क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई।
सत्र से पहले भाजपा की रणनीति बैठक
सत्र शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधानसभा के कक्ष संख्या 54 में हुई। इसमें विशेष सत्र की रणनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के योगदान को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस का विरोध, सदन से वॉकआउट
कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर महिला गरिमा और प्रशासनिक संवेदनशीलता में विफल रहने का आरोप लगाया। नारेबाजी और पोस्टर के साथ विरोध करते हुए वे सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और कुछ समय के लिए वॉकआउट भी किया। स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने हंगामे के बीच कार्यवाही जारी रखी।
सीएम का फोकस—महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बहस को महिला सशक्तिकरण के व्यापक मुद्दे की ओर मोड़ते हुए कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक निर्णयों में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
नवीन पटनायक का हमला- “ओडिशा के लिए शर्म”
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने केंदुझर की घटना को “ओडिशा के लिए शर्मनाक” बताते हुए इसे प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण कहा। उन्होंने कहा कि यह घटना महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है और राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर टकराव
नवीन पटनायक ने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की और इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना व्यापक सहमति के परिसीमन ओडिशा के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
महिला नेतृत्व पर सरकार का जोर
सत्र के दौरान सत्तारूढ़ दल ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं फाइटर पायलट, सेना अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं, इसलिए उन्हें राजनीति में भी समान अवसर मिलना चाहिए।
कड़ी सुरक्षा में चला विशेष सत्र
संविधान के प्रावधानों के तहत बुलाए गए इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। करीब 30 प्लाटून फोर्स तैनात की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए।
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