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पारदर्शिता की नई पहल में आरटीआई के तहत 3 दिन में जानकारी देना अनिवार्य
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आठ नई श्रेणियां जोड़ी गईं, अब बिना आवेदन मिलेगी अहम जानकारी
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी विभागों को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के विदेशी दौरों सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्वेच्छा से सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (आरटीआई) के तहत तीन दिनों के भीतर ओड़िया और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी।
अब तक ऐसी जानकारियां प्राप्त करने के लिए नागरिकों को आरटीआई आवेदन देना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत सरकार स्वयं (सुओ मोटू) इन जानकारियों को सार्वजनिक करेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव और आरटीआई नोडल अधिकारी देबब्रत मलिक द्वारा जारी निर्देश में आठ नई श्रेणियों की जानकारी साझा करने को कहा गया है। इनमें ट्रांसफर नीति, सरकारी खरीद, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी), आरटीआई आवेदनों की स्थिति, ऑडिट आपत्तियां, सिटीजन चार्टर, अनुदान और मुख्यमंत्री व मंत्रियों के विदेशी दौरे शामिल हैं।
पहले से 16 श्रेणियां थीं अनिवार्य
आरटीआई कानून की धारा 4 के तहत पहले ही 16 प्रकार की सूचनाएं सार्वजनिक करना अनिवार्य था, जिसमें विभागीय ढांचा, अधिकारियों की जिम्मेदारियां, निर्णय प्रक्रिया, बजट और सब्सिडी जैसी जानकारी शामिल थी। अब इसमें 8 नई श्रेणियां जोड़कर पारदर्शिता को और मजबूत किया गया है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
इस पहल का आरटीआई कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चिंता भी जताई है।
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