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प्रशासन के हस्तक्षेप से बनी सहमति
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कलेक्टर की पहल के बाद मामला हुआ शांत
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तेज हवा और सेवायतों के विवाद से बाधित हुई रस्में
पुरी। श्री जगन्नाथ मंदिर में चंदन यात्रा को लेकर चल रहा विवाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया है। पुरी के जिला कलेक्टर दिव्य ज्योति परिडा ने बताया कि मंदिर कमांडर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण दिन में ‘चापा’ अनुष्ठान नहीं हो सका। इसके बाद सेवायतों के बीच आपसी विवाद के चलते रात का अनुष्ठान भी रद्द करना पड़ा।
स्थिति को संभालने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में मंदिर कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई।
सेवायतों ने दिया अनुशासन का आश्वासन
बैठक के दौरान सेवायतों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में ‘चापा नीति’ को पूरी अनुशासन और व्यवस्था के साथ संपन्न किया जाएगा। प्रशासन अब कमांडर की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
नरेंद्र पुष्करिणी में नहीं हो सकी नौका यात्रा
चंदन यात्रा के नौवें दिन नरेंद्र पुष्करिणी में होने वाली पारंपरिक नौका यात्रा नहीं हो सकी। भगवान मदनमोहन, रामकृष्ण और पंचपांडव की प्रतिमाएं लंबे समय तक नाव पर ही रहीं, लेकिन अनुष्ठान पूरा नहीं हो पाया।
दो नियोगों के बीच विवाद बना कारण
यह विवाद सिंहारी नियोग और साडू सुवारा नियोग के बीच हुआ था। बताया जा रहा है कि कुछ सेवायतों के नाव पर चढ़ने पर रोक को लेकर मतभेद पैदा हुआ। प्रशासन के प्रयासों के बावजूद तत्काल समाधान नहीं निकल पाया, जिससे श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ा।
भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, प्रशासन सतर्क
अब प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और सेवायतों ने भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
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