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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी दिखे सख्त
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हर किसान तक समय पर खाद पहुंचाने और कालाबाजारी रोकने के दिए निर्देश
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस बैठक में सभी जिलाधिकारियों को शामिल किया गया और उन्हें अंतिम स्तर तक खाद पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर किसान, चाहे वह छोटा हो या सीमांत, उसे उसकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक मिलना चाहिए। उन्होंने कालाबाजारी और दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त निगरानी पर जोर दिया।
छह बड़े निर्देश जारी
मुख्यमंत्री माझी ने अधिकारियों को छह महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इसमें कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लाइसेंस रद्द करने, अन्य राज्यों में उर्वरकों की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने, सब्सिडी वाले यूरिया का औद्योगिक उपयोग रोकने, हर पंचायत में निगरानी समिति गठित कर आपूर्ति पर नजर रखने, पारदर्शिता के लिए किसानों का डिजिटल पंजीकरण मिशन मोड में पूरा करने तथा संतुलित और जैविक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूकता बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है।
बैठक में कृषि आयुक्त सचिन रामचंद्र यादव ने जानकारी दी कि राज्य में वर्तमान में 1.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 60 हजार मीट्रिक टन से अधिक डीएपी उपलब्ध है। केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष के लिए 11.42 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया गया है, जिसमें से मध्य अप्रैल तक 3.61 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हो चुका है।
निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन पर छह डीलरों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। साथ ही, इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) के माध्यम से रोजाना उपलब्धता की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उर्वरक सही समय पर किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
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