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2028 तक हर घर जल लक्ष्य को मजबूत करेगी नई रोडमैप
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जनसहभागिता और डिजिटल मॉनिटरिंग होगी प्राथमिकता – मोहन माझी
भुवनेश्वर। ओडिशा ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन हेतु जल शक्ति मंत्रालय के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह समझौता 2028 तक प्रभावी रहेगा और राज्य को हर घर जल के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में और अधिक मजबूती देगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोक सेवा भवन से वर्चुअल माध्यम से समारोह में हिस्सा लिया, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राज्य मंत्री बी सोमन्ना ने नई दिल्ली से कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पूरे देश में आज 77.3% घरों तक नल जल कनेक्शन पहुंच चुका है।
स्पष्ट रोडमैप और डिजिटल निगरानी
सीएम माझी ने कहा कि ओडिशा ने जल जीवन मिशन 2.0 के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसमें जनसहभागिता, वित्तीय स्थिरता और उचित रखरखाव को प्राथमिकता दी गई है। राज्य में ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पॉलिसी को मजबूत किया गया है, साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म और हेल्पलाइन की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
5,000 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के आईडी बने
राज्य ने सुजलाम भारत प्लेटफॉर्म पर लगभग 5,000 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के आईडी बना लिये हैं। ओडिशा प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 70 लीटर पेयजल उपलब्ध कराता है और मिशन के लिए करीब 40% वित्तीय योगदान राज्य सरकार स्वयं वहन कर रही है।
महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है, क्योंकि अब उन्हें पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मिशन को 2028 तक बढ़ाने से जल-संकटग्रस्त इलाकों में भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
जनभागीदारी और जल संरक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धियां
राज्य में ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की सक्रिय भूमिका ने मिशन को और सफल बनाया है। 30 में से 25 जिलों में जल अर्पण दिवस मनाया गया है।
ओडिशा ने जल संरक्षण के तहत 2.21 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं तैयार की हैं, 43,000 जलाशयों का पुनरुद्धार किया है तथा दो करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया है। ये प्रयास राज्य को जल-सुरक्षा की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने का संकेत देते हैं।
कार्यक्रम में पंचायत राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक, मुख्य सचिव अनु गर्ग, केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक मीणा, विकास आयुक्त देवरंजन कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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