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किसानों के सशक्तिकरण के लिए 15,039.89 करोड़ रुपये आवंटित
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डिप्टी सीएम का दावा-दो वर्षों में किसान आत्महत्या शून्य
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5.3% कृषि वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा ने सोमवार को कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के लिए 2026-27 वित्त वर्ष का 15,039.89 करोड़ रुपये का व्यय मांग प्रस्ताव मंजूर कर दिया।
विभागीय चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की और सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों के कारण राज्यभर के किसान संतुष्ट और प्रसन्न हैं।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वह न तो प्रतिकूल मौसम में पर्याप्त मुआवजा दे सकी, न ही बोनस संबंधी वादों पर खरी उतरी। सिंहदेव ने कहा कि नई सरकार आने के बाद किसानों के लिए उठाया गया हर कदम उन्हें खुशी और भरोसा दे रहा है।
कृषि क्षेत्र का रिकॉर्ड प्रदर्शन
2025-26 की अग्रिम अनुमान रिपोर्ट के अनुसार:
– ओडिशा की कृषि वृद्धि दर 5.3%, जबकि राष्ट्रीय औसत 3.1%
– अन्न उत्पादन 150 लाख मीट्रिक टन, अब तक का सर्वोच्च
– बागवानी उत्पादन 156 लाख मीट्रिक टन
– मई 2024 से अब तक 155.6 एमटी फल और सब्जियां 10 देशों, यूके, फ्रांस, बेल्जियम, स्वीडन, पोलैंड, आयरलैंड, इटली, जर्मनी, यूएई और कतर, को निर्यात की गईं।
महत्वपूर्ण योजनाएं और नई पहलें
– समृद्ध कृषक योजना: धान किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल (एमएसपी + इनपुट सहायता) पर खरीद का लाभ। लाखों किसान लाभान्वित।
– पीएम-किसान योजना: 13 मार्च 2026 को 34.24 लाख किसानों को 22वीं किस्त जारी।
कोल्ड स्टोरेज अवसंरचना
– 29,785 एमटी क्षमता के लिए 10 उद्यमियों को 83.17 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर
– वर्ष 2026-27 के लिए 63 करोड़ रुपये का प्रावधान
जैविक एवं अमृत अन्न पहल
– रासायनिक-मुक्त खेती को बढ़ावा
– श्री जगन्नाथ मंदिर के कोठा भोग और महाप्रसाद के लिए सुगंधित जैविक धान की विशेष खेती
– खरीफ 2025 में 164 हेक्टेयर में जैविक सुगंधित धान (कटक, खुर्दा, कोरापुट, बरगढ़)
– बरगढ़ जिले में 50 हेक्टेयर में जैविक मूंग
– कोरापुट में रबी 2025-26 के लिए 36 हेक्टेयर धान
– ओडिशा बलभद्र जैविक चास मिशन के लिए 28.49 करोड़ रुपये
आलू आत्मनिर्भरता मिशन
– राज्य को बाहरी निर्भरता से मुक्त करने के लिए विशेष अभियान।
एफपीओ को मजबूत आधार
– राज्य में 1,791 सक्रिय एफपीओ, लगभग 9 लाख किसान सदस्य
– 19 मार्च 2026 को वस्सन के साथ कम उपयोग वाले फसलों के विकास हेतु समझौता
अन्य प्रमुख प्रावधान
– कृषि यंत्रीकरण
– सीएम–किसान (शहरी और भूमिहीन किसान भी शामिल)
– श्री अन्न अभियान
– मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना
– जनजातीय जिलों में कॉफी बागान
– नए कृषि कॉलेज
– रेजेनरेटिव एग्रीकल्चर के तहत भारत का सबसे बड़ा राइस-फैलो मैनेजमेंट प्रोग्राम
एससीबी के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट
इस चर्चा के दौरान एससीबी मुद्दे पर बीजद और कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। सस्पेंडेड बीजद विधायक अरविंद महापात्र समेत कई दलों के विधायक बहस में शामिल हुए।
सरकार का लक्ष्य: जलवायु-लचीला, किसान-मित्र और महिला-मित्र कृषि क्षेत्र
राज्य सरकार ने दोहराया कि वह ओडिशा के कृषि क्षेत्र को अधिक क्लाइमेट-रेजिलिएंट, किसान-मित्र, महिला-मित्र, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि-उद्यमिता एवं रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
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