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विधानसभा में पेयजल मुद्दे पर बीच तीखी बहस

  •     आमने-सामने हुए बीजेडी और बीजेपी के विधायक

  •     पंचायत राज मंत्री के बयान पर भड़का विपक्षी दल

  •     विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति हुई सामान्य

भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान पेयजल के मुद्दे पर चर्चा के समय बीजेडी और बीजेपी के विधायकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि बाद में विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

प्रश्नकाल के दौरान पंचायत राज मंत्री रवि नारायण नायक जब पेयजल से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे थे, तब यह स्थिति उत्पन्न हुई। मंत्री ने बताया कि पिछले 24 वर्षों में पूर्व सरकार ने लगभग 26 हजार ट्यूबवेल स्थापित किए थे, जबकि वर्तमान बीजेपी सरकार ने एक वर्ष के भीतर ही 26 हजार ट्यूबवेल स्थापित कर दिए हैं। मंत्री द्वारा यह जानकारी देने के बाद बीजेडी के विधायक अचानक विरोध जताते हुए खड़े हो गए, जिससे कुछ समय के लिए सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

चर्चा के दौरान विधायकों ने राज्य में पेयजल की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि राज्य के सभी घरों तक पीने का पानी कब तक पहुंचाया जाएगा।

इस पर पंचायत राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक ने जवाब देते हुए कहा कि मार्च 2027 तक सभी घरों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए निर्धारित 207 मेगा परियोजनाओं को पूरा करने की योजना है।

अब तक 26 मेगा परियोजनाएं पूरी

मंत्री ने बताया कि 5 मार्च तक राज्य के 68 लाख 47 हजार 752 यानी लगभग 77 प्रतिशत परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है। अब तक 26 मेगा परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और मार्च तक 28 और परियोजनाएं पूरी होने की संभावना है।

11 हजार 777 गांवों में पेयजल परियोजनाएं चालू

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 44 हजार 531 गांवों में से 11 हजार 777 गांवों में पेयजल परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय काम की गति धीमी थी और उनके द्वारा तैयार किए गए डीपीआर की खामियों के कारण 18 इनटेक वेल के कार्यों को स्थानांतरित करना पड़ा है।

24 वर्षों में जितने नलकूप लगे, उससे अधिक एक साल में लगाए गए

मंत्री के अनुसार, वर्तमान में राज्य में कुल 5 लाख 27 हजार 694 ट्यूबवेल मौजूद हैं। विधायक दुर्गा प्रसन्न नायक के पूरक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने पूर्व सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 24 वर्षों में जितने नलकूप लगाए गए थे, उससे अधिक वर्तमान बीजेपी सरकार के कार्यकाल में लगाए गए हैं।

इस बयान पर बीजेडी विधायकों ने जोरदार विरोध किया, जबकि बीजेपी विधायक भी जवाब देने के लिए खड़े हो गए। कुछ समय के लिए सदन में हंगामा हुआ, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्ष शांत हो गए।

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