Home / Odisha / ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए कैबिनेट प्रस्ताव लाएं
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए कैबिनेट प्रस्ताव लाएं

  •     बीजद ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी खुली चुनौती

भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) ने मोहन चरण माझी सरकार पर वर्ष 2014 के चुनावी वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। पार्टी ने ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने की मांग पर मुख्यमंत्री से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा है।

भुवनेश्वर स्थित शंख भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्र ने बताया कि 10 फरवरी को राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा देने संबंधी कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन नहीं है।

पात्र ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के हित में क्या कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करेगी। लगभग दो वर्ष बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।

कैबिनेट प्रस्ताव पारित करें

बीजद सांसद ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार गंभीर है तो आज ही मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पारित कर केंद्र से औपचारिक मांग की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा न करने का अर्थ होगा कि “डबल इंजन सरकार” राज्य की 4.5 करोड़ जनता के साथ छल कर रही है।

नवीन पटनायक सरकार के प्रयासों का उल्लेख

पात्र ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में दिल्ली में विशाल रैली आयोजित कर विशेष श्रेणी के दर्जे की मांग उठाई गई थी। साथ ही लगभग एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर एकत्र कर तत्कालीन राष्ट्रपति को सौंपे गए थे।

विकास आवश्यकताओं की अनदेखी का आरोप

बीजद ने आरोप लगाया कि हाल के केंद्रीय बजटों में ओडिशा की प्रमुख मांगों, विशेषकर विशेष श्रेणी का दर्जा और कोयला रॉयल्टी संशोधन, की उपेक्षा की गई है। पार्टी का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं की बारंबारता, आदिवासी आबादी की अधिकता और आधारभूत संरचना की कमी जैसे कारणों से ओडिशा लंबे समय से विशेष वित्तीय सहायता का पात्र रहा है।

1979 में राष्ट्रीय विकास परिषद में पहली बार उठा मुद्दा

जानकारी के अनुसार, विशेष श्रेणी के दर्जे का मुद्दा पहली बार वर्ष 1979 में राष्ट्रीय विकास परिषद में उठाया गया था। इसके बाद 10वीं और 11वीं विधानसभा में भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किए गए थे और कहा गया था कि राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से लगातार जूझना पड़ता है और विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है। ओडिशा की विशेष श्रेणी की मांग एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गई है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर क्या औपचारिक कदम उठाती है।

Share this news

About desk

Check Also

IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

जाजपुर में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़

    दो महिलाओं समेत पांच हिरासत में     मुख्य डाकघर के पास मकान …