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आईआईटी मद्रास में एसीएस उषा पाढ़ी का विशेष व्याख्यान
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विश्व बैंक और एडीबी समर्थित परियोजनाओं का गहन अध्ययन
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार किफायती आवास और शहरी विकास के क्षेत्र में वैश्विक सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। इसी क्रम में आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने आज चेन्नई का अध्ययन एवं ज्ञान-साझाकरण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक समर्थित किफायती आवास तथा शहरी आवासीय परियोजनाओं का विस्तृत अध्ययन किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु में लागू सफल किफायती आवास मॉडल, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, नवाचार आधारित वित्तीय ढांचे और टिकाऊ शहरी आवास विकास की रणनीतियों को समझना था।
एसीएस उषा पाढ़ी ने ओडिशा अर्बन हाउसिंग मिशन के अधिकारियों के साथ मिलकर तमिलनाडु अर्बन हैबिटेट डेवेलपमेंट बोर्ड तथा चेन्नई मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथारिटी के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान नीतिगत ढांचे, परियोजना संरचना और कार्यान्वयन रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रतिनिधिमंडल को लगभग 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली हाउसिंग एंड हैबिटेट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की जानकारी दी गई, जिसे विश्व बैंक का समर्थन प्राप्त है। यह परियोजना आवासीय संस्थाओं को सशक्त बनाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए किफायती आवास की पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।
इसके तहत तमिलनाडु शेल्टर फंड जैसे सामाजिक निवेश मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को आकर्षित कर टिकाऊ आवास समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
शहरी गरीबों के लिए समावेशी और सुरक्षित आवास
दौरे के दौरान लगभग 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली इन्क्लूसिव, रेजिलिएंट एंड सस्टेनेबल हाउसिंग फॉर द अर्बन पुअर सेक्टर प्रोजेक्ट का भी अवलोकन किया गया, जिसे एशियन डेवलपमेंट बैंक का सहयोग प्राप्त है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 6,000 आवास इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसका विशेष फोकस उच्च जोखिम और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करना है। साथ ही ऊर्जा-कुशल भवन डिज़ाइन, एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय जैसी सामाजिक आधारभूत सुविधाओं का विकास भी इसमें शामिल है।
आईआईटी मद्रास में एसीएस का विशेष व्याख्यान
चेन्नई प्रवास के दौरान एसीएस उषा पाढ़ी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास में टेक्नोलॉजी, नीति और लोकसेवा का संगम विषय पर एक विशेष व्याख्यान भी दिया।
छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने डेटा-आधारित शासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समावेशन और नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवास संकट, स्वच्छता और शहरी भीड़भाड़ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने युवाओं को लोक नीति और सिविल सेवा में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक प्रशासन में सहानुभूति, नैतिकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता तकनीकी उत्कृष्टता जितनी ही महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी संबंधी मार्गदर्शन के साथ हुआ।
ओडिशा के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण
एसीएस उषा पाढ़ी ने कहा कि तमिलनाडु के अनुभवों और शैक्षणिक संवाद से प्राप्त अंतर्दृष्टि ओडिशा में समावेशी, सुदृढ़ और टिकाऊ शहरी विकास रणनीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ओडिशा सरकार का यह प्रयास स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक अनुभवों को अपनाकर किफायती और मानवीय शहरी विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।
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