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कहा- ओडिशा में जनता ने इस बंद को नकार
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बंद को बीजद तथा कांग्रेस का समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण
भुवनेश्वर। भारत बंद को बीजद और कांग्रेस के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताएं श्रमिकों के हित में ऐतिहासिक सुधार हैं। इनका विरोध करने वाले वास्तव में श्रमिकों के हितों के खिलाफ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं के माध्यम से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया गया है, कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रावधान मजबूत किए गए हैं तथा सामाजिक सुरक्षा जैसे भविष्य निधि, स्वास्थ्य सुरक्षा और पंजीकरण को अनिवार्य बनाया गया है। साथ ही महिलाओं के लिए समान कार्य के अवसर सुनिश्चित करते हुए पूर्व की कई बाधाओं को समाप्त किया गया है। 29 जटिल कानूनों के स्थान पर चार सरल श्रम कानून लागू किए गए हैं।
बिस्वाल ने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित आंदोलनकारी संगठन राजनीतिक स्वार्थवश भारत बंद का आह्वान कर आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा में जनता ने इस बंद को नकार दिया है और बीजद तथा कांग्रेस द्वारा इसका समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि नई श्रम संहिता केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। असंगठित क्षेत्र और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों को भी पहली बार स्पष्ट रूप से संरक्षित किया गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने वाले दलों ने श्रमिकों का राजनीतिक उपयोग किया, लेकिन उनके हितों की वास्तविक सुरक्षा नहीं की। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठनों का वर्तमान विरोध राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है, न कि श्रमिकों के कल्याण से।
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