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आंगनबाड़ी केंद्र का 11 माह का किराया जारी करने के बदले मांगी थी रकम
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विजिलेंस ने कार्यालय में दबोचा
ब्रह्मपुर। ओडिशा विजिलेंस ने गंजाम जिले के हिंजिलिकाटु स्थित सीडीपीओ कार्यालय में कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये रिश्वत लेते आईसीडीएस सुपरवाइजर और जूनियर रेवेन्यू असिस्टेंट (जेआरए) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बी उमा पात्र, आईसीडीएस सुपरवाइजर और नरसिंह बेहरा, जूनियर रेवेन्यू असिस्टेंट के रूप में हुई है। दोनों सीडीपीओ, हिंजिलिकाटु के कार्यालय में कार्यरत हैं।
विजिलेंस के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने एक आंगनबाड़ी केंद्र का पिछले 11 महीने का मकान किराया जारी करने के एवज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
आरोप है कि दोनों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से कहा था कि यदि 30 हजार रुपये नहीं दिए गए तो संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र का मकान किराया आने वाले महीनों में भी जारी नहीं किया जाएगा।
रिश्वत की मांग से परेशान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मामले की जानकारी ओडिशा विजिलेंस को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और 19 सितंबर 2026 को सीडीपीओ कार्यालय परिसर में दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
विजिलेंस के मुताबिक, रिश्वत की पूरी 30 हजार रुपये की राशि आरोपियों के कब्जे से बरामद कर जब्त कर ली गई है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के आवासीय परिसरों में आय से अधिक संपत्ति (डीए) के कोण से एक साथ तलाशी भी शुरू की गई।
मामले में ब्रह्मपुर विजिलेंस थाना केस संख्या 10, दिनांक 19 सितंबर 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। विजिलेंस ने बताया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
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