-
मूल्य संवर्धन, बेहतर बाजार और ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमी बनाने पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा में स्वदेशी और विशेष किस्म के चावल की खेती, मूल्य संवर्धन तथा व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई), फिलीपींस सहयोग करेगा। इस दिशा में उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तीकरण मंत्री कनक वर्धन सिंह देव के साथ आईआरआरआई के प्रतिनिधिमंडल की एलएसबी चैंबर में बैठक हुई।
बैठक में कृषि विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव भी मौजूद रहे। आईआरआरआई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ नेसे श्रीनिवासुल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में आईआरआरआई ओडिशा के प्रमुख डॉ मुकुंद, वैज्ञानिक एवं उत्पाद विकास विशेषज्ञ डॉ हमीदा, चावल मूल्य संवर्धन परियोजना के समन्वयक डॉ. प्रियव्रत रॉय तथा कृषि व्यवसाय विशेषज्ञ ज्ञानदीप पंडिया शामिल थे।
खेती का क्षेत्र बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से ओडिशा की देशी विशेष चावल किस्मों, खासकर कालेजीरा चावल, की खेती का क्षेत्र बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर चर्चा हुई। आईआरआरआई इन किस्मों की विशिष्ट सुगंध, शुद्ध आनुवंशिक गुणों और गुणवत्ता को संरक्षित रखने के लिए उन्नत तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले चावल को भी इस पहल में विशेष महत्व दिया जाएगा।
उपलब्ध न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने का प्रयास होगा
कालेजीरा चावल को प्राथमिक प्रदर्शन परियोजना के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से किसानों को इसकी बेहतर बाजार कीमत और उपलब्ध न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही टूटे हुए चावल से मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कच्चे चावल की मिल और क्षेत्रीय प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य किसानों और महिला समूहों को सूक्ष्म उद्यमी के रूप में विकसित करना है। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
खरीदार-विक्रेता व्यावसायिक सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण
बैठक के दौरान आईआरआरआई प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार को ‘बियॉन्ड द बाउल’ नामक राष्ट्रीय स्तर के खरीदार-विक्रेता व्यावसायिक सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य विशेष चावल के लिए बाजार संपर्क मजबूत करना और किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों तथा खरीदारों के बीच व्यापारिक अवसर बढ़ाना है।
ज्ञान एवं तकनीकी अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ
इसके अलावा, फिलीपींस के आईआरआरआई वैज्ञानिकों के साथ ‘चावल मूल्य संवर्धन के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा’ परियोजना के तहत ज्ञान एवं तकनीकी अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ। इसमें फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और महिलाओं के नेतृत्व वाले टिकाऊ कृषि व्यवसाय से जुड़ी सफल कार्यप्रणालियों पर चर्चा की गई।
राज्य सरकार और आईआरआरआई की यह साझेदारी ओडिशा की पारंपरिक चावल विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण महिला समूहों को उद्यमिता से जोड़ने और विशेष चावल के लिए टिकाऊ एवं बाजार आधारित कारोबारी मॉडल तैयार करना है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
