-
ऐतिहासिक जल संरचनाओं का होगा संरक्षण और पुनर्जीवन
-
पांच वर्षों में विकसित होंगे विरासत आधारित पर्यटन केंद्र
भुवनेश्वर। ओडिशा की समृद्ध सिंचाई विरासत को संरक्षित करने और उसे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग की 650 करोड़ रुपये की ‘बिल्डिंग ओडिशा’ज इरिगेशन प्रोजेक्ट टूरिज्म एमेनिटीज’ (बोइटा) योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में लागू की जाएगी।
‘बोइटा’ योजना का उद्देश्य ओडिशा की ऐतिहासिक सिंचाई संरचनाओं का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है। इसके साथ ही राज्य की पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों को लोगों और पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने तथा इन विरासत स्थलों के आसपास सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
ऐतिहासिक जल संरचनाओं को मिलेगा नया जीवन
योजना के तहत ऐतिहासिक भवनों और सिंचाई से जुड़ी संरचनाओं का उनकी मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए अनुकूल पुन: उपयोग किया जाएगा। इन स्थलों से जुड़े पुराने जल तंत्र को स्थिर करने के साथ उनका पुनर्जीवन भी किया जाएगा। विरासत परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक और टिकाऊ उपयोग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
ओडिशा की सिंचाई विरासत प्राचीन जल प्रबंधन एवं समुद्री परंपराओं से लेकर ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता के शुरुआती दौर में निर्मित ऐतिहासिक सिंचाई संरचनाओं तक फैली हुई है। ये संरचनाएं राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और अभियांत्रिकी क्षमता की विशिष्ट पहचान हैं।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य केवल इन ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें पर्यटन और क्षेत्रीय विकास के नए केंद्रों के रूप में विकसित करना भी है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, छोटे व्यवसाय और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
जल संसाधन विभाग की प्रधान सचिव शुभा शर्मा ने कहा कि ‘बोइटा’ योजना ओडिशा की सिंचाई विरासत के संरक्षण में नया अध्याय शुरू करेगी और इसे लोगों, पर्यटन तथा क्षेत्रीय विकास से जोड़ेगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
