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घर-घर सर्वेक्षण कर शिक्षा के प्रति जागरूक किया, विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की जानकारी जुटाई
बालेश्वर – फकीर मोहन विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए मछुआ गांव सहित आसपास के सिंगिरी और सनकालियापड़ा गांवों में साक्षरता एवं शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समाज कार्य विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समावेशी शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना था। कार्यक्रम कुलपति प्रो. संतोष कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा समाज कार्य विभाग की समन्वयक डॉ. ग्रेस बहालेन मुंडू की पहल पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया और परिवारों की साक्षरता स्थिति की जानकारी जुटाने के साथ विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान की। विद्यार्थियों ने प्राथमिक विद्यालयों का भी दौरा कर शिक्षकों से मुलाकात की तथा गांवों में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।
विद्यार्थियों ने अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और नियमित विद्यालय जाने के महत्व के बारे में समझाया। साथ ही बच्चों के लिए उपलब्ध सरकारी शैक्षणिक योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक जानकारी को ग्रामीण समुदाय की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का अवसर मिला।
सहायक प्राध्यापक रश्मिरेखा राउत और सुप्रिया राउत ने विद्यार्थियों के साथ रहकर कार्यक्रम का मार्गदर्शन किया। विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी शर्मिष्ठा महाराणा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और ग्रामीणों से बातचीत की।
कार्यक्रम के माध्यम से फकीर मोहन विश्वविद्यालय ने गोद लिए गांवों के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत करने तथा शिक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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