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पहचान और स्थिति की जांच के लिए 15 दिन की समयसीमा तय
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दुर्घटना की आशंका वाली जर्जर इमारतों को गिराने के निर्देश
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सरकारी के साथ निजी भवनों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्यभर में असुरक्षित और जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऐसे भवनों की पहचान और स्थिति की जांच के लिए 15 दिन की समयसीमा तय की है। जांच के बाद दुर्घटना की आशंका वाले भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि सरकारी भवनों में पहले से चिन्हित असुरक्षित संरचनाओं की समीक्षा की जा चुकी है। जहां भवनों को गिराना आवश्यक पाया गया है, वहां संबंधित विभागों की ओर से नोटिस जारी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निजी भवनों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। संरचनात्मक रूप से कमजोर पाए जाने वाले निजी भवनों के मालिकों को नियमानुसार नोटिस दी जाएगी।
शहरी निकायों को पुराने भवनों की जांच के निर्देश
मंत्री ने कहा कि आवास एवं शहरी विकास विभाग के अधीन आने वाले असुरक्षित भवनों पर विभाग सीधे कार्रवाई करेगा। वहीं, अन्य विभागों के स्वामित्व वाले भवनों की जानकारी संबंधित विभागों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कटक और पुरी जैसे शहरों के शहरी स्थानीय निकायों को पुराने और जोखिम वाले भवनों का विशेष रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 दिन में सौंपनी होगी जांच रिपोर्ट
सरकार ने विस्तृत निरीक्षण के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह दल असुरक्षित भवनों की स्थिति का मौके पर आकलन करेगा और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर ऐसे भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ महापात्र ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी असुरक्षित संरचना को लापरवाही के कारण बने रहने नहीं दिया जाएगा, जिससे आम लोगों के जीवन को खतरा हो सकता है।
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