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बीजद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र, बीएलओ पर दबाव और ओटीपी के दुरुपयोग के आरोप
भुवनेश्वर। ओडिशा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया के बीच बीजू जनता दल (बीजद) ने भद्रक जिले के धामनगर अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) में फॉर्म-7 के कथित अनियमित इस्तेमाल को लेकर तत्काल और स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की समयबद्ध जांच कराने और मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
बीजद के अनुसार, पुनरीक्षण कार्य में लगे कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने धामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का दावा है कि शिकायत में धामनगर एनएसी के कार्यकारी अधिकारी-सह-सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी संतोष कुमार नायक का नाम लिया गया है। हालांकि, पार्टी ने स्वयं स्पष्ट किया है कि लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
बीएलओ पर दबाव और ओटीपी लेने का आरोप
बीजद ने आरोप लगाया है कि फॉर्म-7 से जुड़े कार्यों को लेकर बीएलओ पर कथित रूप से दबाव बनाया गया। पार्टी का कहना है कि कुछ मामलों में ओटीपी हासिल करने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया। बीजद के अनुसार, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर बीएलओ को कारण बताओ नोटिस और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाना निर्धारित कानून और प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा सकता है। फॉर्म-7 का इस्तेमाल सामान्यतः किसी मृत व्यक्ति, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता या दोहरे पंजीकरण जैसे मामलों में नाम हटाने के लिए किया जाता है। बीजद का कहना है कि यदि इस प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होता है तो पात्र मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
17 सितंबर तक नोटिसों के निपटारे की समयसीमा
बीजद ने एसआईआर की मौजूदा समयसीमा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम के तहत नोटिसों की जांच और निपटारा 17 सितंबर 2026 तक होना है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 21 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
पार्टी का तर्क है कि अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले किसी भी संदिग्ध तरीके से हटाए गए नामों की जांच और पुनर्स्थापना जरूरी है, क्योंकि बाद में सुधार की प्रक्रिया अधिक कठिन हो सकती है।
10 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
बीजद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मामले की समयबद्ध जांच कराने, जांच पूरी होने तक संतोष कुमार नायक को एसआईआर और फॉर्म-7 से संबंधित जिम्मेदारियों से अलग रखने तथा धामनगर एनएसी के फॉर्म-7 आवेदन, ओटीपी विवरण, डिजिटल रिकॉर्ड, प्राप्ति रसीद और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
पार्टी ने ओटीपी के माध्यम से जमा किए गए फॉर्म-7 आवेदनों का मामला-दर-मामला सत्यापन, हटाए गए या हटाने के प्रस्तावित प्रत्येक मतदाता के नाम का पुनः सत्यापन और शिकायत करने वाले बीएलओ को किसी भी प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग भी की है।
इसके अलावा बीजद ने यह पता लगाने की मांग की है कि बीएलओ को निर्देश किसने दिए, ओटीपी किसने संभाले, फॉर्म-7 किसने शुरू किए और किस अधिकारी ने उन्हें मंजूरी दी। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चुनाव कानून और सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
बीजद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायतकर्ताओं को लिखित कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच पूरी होने तक गंभीर प्रक्रियागत खामियों वाले फॉर्म-7 के आधार पर मतदाता का नाम हटाने पर रोक लगाई जानी चाहिए।
धामनगर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और वर्तमान में यहां से भाजपा के सूर्यवंशी सूरज विधायक हैं। बीजद ने कहा है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में मतदाता सूची का निष्पक्ष और पारदर्शी पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
फिलहाल मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है या नहीं अथवा संबंधित अधिकारी को एसआईआर की जिम्मेदारी से हटाया जाएगा या नहीं। बीजद ने मांग की है कि 21 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
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