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इंडोनेशिया बनेगा 2026 का साझेदार देश
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प्लास्टिक मुक्त होगी कटक की ऐतिहासिक बालियात्रा
कटक। ओडिशा के ऐतिहासिक समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक बालियात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार को लोक सेवा भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग, आईएएस की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बालियात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने ओडिशा की प्राचीन समुद्री व्यापार परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उन्होंने बालियात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और हरित उत्सव बनाने के निर्देश दिए।
24 नवंबर से शुरू होगी बालियात्रा
कटक के जिलाधिकारी दत्तात्रय भाऊसाहेब शिंदे ने बैठक में वर्ष 2026 की बालियात्रा का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बालियात्रा 24 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
उन्होंने पिछले वर्ष की बालियात्रा के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि 2025 में इस आयोजन में 65 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। एक दिन में सर्वाधिक करीब 12 लाख लोगों की भीड़ दर्ज की गई थी। मेले में 1,420 दुकानें और 396 बिक्री क्षेत्र बनाए गए थे तथा 24 राज्यों से व्यापारी पहुंचे थे। पूरे आयोजन के दौरान 400 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ था। अकेले ओआरएमएएस के स्टॉलों से करीब 57 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी।
ओआरएमएएस लगाएगा 500 स्टॉल
बालियात्रा 2026 में स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को अधिक अवसर देने की योजना बनाई गई है। ओआरएमएएस की ओर से इस बार 500 स्टॉल लगाए जाएंगे। हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों के लिए प्रमुख स्थान सुनिश्चित करने के साथ अलग-अलग बिक्री क्षेत्रों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
इंडोनेशिया होगा साझेदार देश
बालियात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में इस वर्ष बड़ा कदम उठाया गया है। ‘टेकिंग इट टू बाली’ पहल के तहत इंडोनेशिया को 2026 बालियात्रा का आधिकारिक साझेदार देश बनाया जा रहा है।
ओडिशा से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया के बाली द्वीप का दौरा करेगा। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना होगा। इसके अलावा इंडोनेशिया के बाली से सांस्कृतिक दल भी कटक पहुंचकर बालियात्रा में प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों के साथ उनकी प्रस्तुतियां महोत्सव के सांस्कृतिक आकर्षण को अंतरराष्ट्रीय रंग देंगी।
दो मुख्य मंचों पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
बालियात्रा में भीड़ प्रबंधन और कार्यक्रमों के बेहतर संचालन के लिए इस बार तीन के बजाय दो मुख्य मंच रखने की योजना बनाई गई है। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन अधिक व्यवस्थित तरीके से करने और दर्शकों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
पार्किंग और शटल बसों की विशेष व्यवस्था
बालियात्रा में लाखों लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चहटा रोड के आधे हिस्से को समर्पित पार्किंग क्षेत्र में बदलने की योजना है। पार्किंग स्थलों से बालियात्रा के ऊपरी और निचले मैदान तक लोगों को पहुंचाने के लिए अतिरिक्त शटल बसें लगातार चलाई जाएंगी।
महानदी में बढ़ेंगे जल आधारित आकर्षण
पर्यटन विभाग की ओर से महानदी के तट पर कई तरह की जल आधारित गतिविधियों और आकर्षणों की योजना बनाई जा रही है। इससे बालियात्रा में आने वाले पर्यटकों के लिए मनोरंजन के नए विकल्प उपलब्ध होंगे और महानदी तट को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
पूरी बालियात्रा होगी प्लास्टिक मुक्त
इस बार पर्यावरण संरक्षण को बालियात्रा की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। सभी व्यावसायिक और खाद्य क्षेत्रों में प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी। प्रशासन की ओर से पर्यावरण अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अतिरिक्त ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारियों, अभियंताओं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों के आगमन, सुरक्षा तथा उनकी सुविधाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में गृह, उद्योग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव डॉ मृणालिनी दर्सवाल, पर्यटन सचिव बलवंत सिंह, संस्कृति सचिव विजय केतन उपाध्याय तथा भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्त एस देव दत्त सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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