-
मुख्यमंत्री ने कहा—भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखें
-
निर्दोषों की रक्षा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें
भुवनेश्वर। बीजू पटनायक राज्य पुलिस अकादमी में ओडिशा पुलिस के 13वें बैच के प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रशिक्षण पूरा करने वाले 336 नए उपनिरीक्षकों को पुलिस सेवा में शामिल होने पर बधाई दी। इनमें 70 महिला उपनिरीक्षक भी शामिल हैं। दो वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों ने औपचारिक रूप से पुलिस बल की जिम्मेदारी संभाली।
वर्दी संवैधानिक अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में महिला अधिकारियों के पुलिस बल में शामिल होने को महिला सशक्तीकरण और बदलते ओडिशा की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति कर्तव्य का भी प्रतीक है। उन्होंने नए अधिकारियों से ‘सेवा और सुरक्षा’ के मूल मंत्र के साथ काम करने तथा कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने का आह्वान किया।
आधुनिक अपराध से निपटने में तकनीक का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है। साइबर धोखाधड़ी जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक मार्गदर्शन और प्रभावी कार्रवाई के चलते राज्य में माओवादी और नक्सली हिंसा पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया है।
2029 तक ओडिशा को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक ओडिशा को नशामुक्त राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत रहना औद्योगिक विकास, निवेश और दीर्घकालीन आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है।
दो वर्षों में 17,794 पुलिस पद सृजित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में 17,794 नए पुलिस पद सृजित किए गए हैं, जिनमें से 5,817 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इसके साथ ही राज्यभर के पुलिस थानों में आवश्यक परिचालन सुविधाओं और संसाधनों को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
नए अधिकारियों को स्मार्ट पुलिसिंग का मंत्र
मुख्यमंत्री ने नए उपनिरीक्षकों से स्मार्ट पुलिसिंग अपनाने का आह्वान करते हुए उनके करियर के लिए तीन प्रमुख सिद्धांत बताए। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता रखने, वर्दी में अनुशासन का सर्वोच्च स्तर बनाए रखने तथा अपनी शक्ति का दुरुपयोग किए बिना निर्दोष लोगों की रक्षा करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सम्मानित
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को सम्मानित किया गया। पी. नलिनी राव को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राज्यपाल पदक, ट्रॉफी और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा तेजस्विनी मोहंती, युधिष्ठिर बेहरा, लक्ष्मण कुमार महांता, सस्मिता खुंटिया, निहारिका त्रिपाठी और आशुतोष नायक को भी उत्कृष्ट प्रशिक्षु पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डीजीपी ने ईमानदारी और साहस से सेवा करने का दिया संदेश
पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्र ने नए अधिकारियों से साहस, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को लगातार अपनी क्षमताओं को विकसित करने की सलाह दी।
बीजू पटनायक राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक अनूप कुमार साहू ने स्वागत भाषण दिया और अकादमी की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षक, प्रशिक्षुओं के परिजन और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
