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अधिकतम पेनल्टी 10,000 से घटकर 6,000 रुपये
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) के बिना चलने वाले वाहनों पर जुर्माने में बड़ी राहत दी है। सरकार ने अधिकतम जुर्माने की राशि 10,000 रुपये से घटाकर 6,000 रुपये कर दी है। संशोधित जुर्माना व्यवस्था 2019 से लागू प्रावधान की जगह प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था के तहत वाहन के प्रकार और नियम उल्लंघन की पहली या दूसरी बार की स्थिति के आधार पर जुर्माने की राशि निर्धारित की गई है।
ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि 2019 से बिना पीयूसीसी वाले वाहनों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा था। लोगों पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से सरकार ने अब जुर्माने की राशि घटाने का निर्णय लिया है।
संशोधित नियमों के अनुसार, दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर पहली बार उल्लंघन के लिए 1,000 रुपये और दूसरी बार उल्लंघन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, मोटर कैब और जीप के लिए पहली बार उल्लंघन पर 2,000 रुपये तथा दूसरी बार 5,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। ट्रैक्टर और ट्रेलर के लिए भी यही जुर्माना व्यवस्था लागू होगी।
अन्य श्रेणी के वाहनों के मामले में पहली और दूसरी बार के उल्लंघन पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने इस आरोप को भी खारिज किया कि आम लोगों से जुर्माने के रूप में राशि वसूलकर राज्य के खजाने को भरने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है और इस तरह के आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं।
संशोधित प्रावधानों से वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं बिना वैध पीयूसीसी के वाहन चलाने पर दंड का प्रावधान बरकरार रहेगा।
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