Home / Odisha / खनिज क्षेत्र में सुधारों को लेकर भाजपा का नवीन पटनायक पर हमला

खनिज क्षेत्र में सुधारों को लेकर भाजपा का नवीन पटनायक पर हमला

  •     कहा- ‘यह राजनीतिक पाखंड है’

भुवनेश्वर। ओडिशा भाजपा के प्रवक्ता अनिल विश्वाल ने खनिज क्षेत्र में हालिया सुधारों का विरोध करने को लेकर  प्रतिपक्ष के नेता नवीन पटनायक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राजनीतिक ताकतों के शासनकाल में ओडिशा में बड़े पैमाने पर खनन अनियमितताएं सामने आई थीं, वही अब राज्य में खनिज प्रशासन और सुधारों को लेकर सवाल उठा रही हैं।

सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में बिश्वाल ने कहा कि मौजूदा सुधारों का विरोध करने वालों को अपने शासनकाल के दौरान खनिज संसाधनों के प्रबंधन के रिकॉर्ड पर भी जवाब देना चाहिए।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय एम.बी. शाह आयोग ने ओडिशा में लौह अयस्क और मैंगनीज अयस्क के कथित अवैध उत्खनन का मूल्य करीब 59,200 करोड़ आंका था और इसकी वसूली की सिफारिश की थी।

बिश्वाल ने कहा कि उस समय बीजू जनता दल (बीजद) के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का विरोध किया था। उनका दावा है कि राज्य सरकार का तर्क था कि राज्य की जांच एजेंसियां पहले से ही मामले की जांच कर रही हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि खनन अनियमितताओं से जुड़ी चिह्नित राजस्व क्षति की पूरी तरह भरपाई भी नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि खनन विवाद में कथित रूप से शामिल कुछ कंपनियों द्वारा तत्कालीन सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक चंदा दिए जाने के आरोपों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

बिश्वाल ने कहा कि एक ओर जब खनिज प्रशासन में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं सामने आईं, तब तत्कालीन सरकार सार्वजनिक राजस्व की पर्याप्त सुरक्षा करने में विफल रही, जबकि दूसरी ओर नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पारदर्शी नीलामी, प्रतिस्पर्धी बोली और राजस्व में पूर्वानुमेयता जैसे उपायों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सुधारों के विरोध में वही राजनीतिक ताकतें संघवाद का मुद्दा उठा रही हैं। बिश्वाल ने इसे ओडिशा के भविष्य के लिए ठोस तर्क नहीं बल्कि “राजनीतिक पाखंड” करार दिया।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल इसलिए हर सुधार का विरोध करना नहीं होना चाहिए कि वह नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी या भारत सरकार की ओर से आया है। बिश्वाल ने खनिज क्षेत्र में सुधारों को ओडिशा के दीर्घकालिक हितों और बेहतर शासन के नजरिए से देखने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने एमएनडीआर एक्ट में संशोधन के खिलाफ आज ही भाजपा सांसदों को पत्र लिखा था।

Share this news

About desk

Check Also

जीवीएचएस के विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू

    पर्यटन एवं आतिथ्य सेवा क्षेत्र में 68 विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण भुवनेश्वर। ओडिशा …