भुवनेश्वर: ओडिशा में 39 साल बाद फार्मासिस्ट कैडर का पुनर्गठन किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि फार्मासिस्टों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
मंत्री ने भुवनेश्वर स्थित रमादेवी महिला विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ओडिशा फार्मेसी अधिकारी सेवा संघ’ के एक दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में फार्मासिस्टों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यभार संभालने के बाद 39 वर्षों के अंतराल के पश्चात फार्मासिस्ट कैडर का पुनर्गठन किया गया है। इसके साथ ही फार्मासिस्टों की नौकरी में जिम्मेदारियों से संबंधित चार्ट भी तैयार किया गया है।
महालिंग के अनुसार, राज्य में करीब 300 फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि 1,108 और फार्मासिस्टों की नियुक्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट काउंसिल आफ इंडिया रिक्रुटमेंट एंड प्रोमोशन सर्विस -2025 को ओडिशा में लागू करने की मांग पर भी सरकार विचार कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा का स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। कुशल मानव संसाधन, बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और आधुनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से मरीजों को अधिक सरल, सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी पहलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप 2.0 के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ एंटीबायोटिक दवाओं के उचित और जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
महालिंग ने कहा कि सरकार, स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों के सामूहिक प्रयासों से स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध ओडिशा के साथ-साथ स्वस्थ भारत के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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