भुवनेश्वर: ओड़िया भाषा की लगातार हो रही उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व ओड़िया परिवार ने इसके संरक्षण, संवर्धन और व्यापक उपयोग के लिए अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। अभियान को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को संस्था के अध्यक्ष सज्जन शर्मा की अध्यक्षता में एक परिचर्चा आयोजित की गई।
परिचर्चा में सर्वसम्मति से कहा गया कि ओड़िया भाषा की सुरक्षा और उसके प्रसार की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। इसके लिए लोगों को ओड़िया में हस्ताक्षर करने, घरों में ओड़िया भाषा का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा सार्वजनिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बोर्ड एवं साइनबोर्ड ओड़िया में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में ओड़िया विद्यालयों में भाषा के प्रति बच्चों में रुचि बढ़ाने के लिए विभिन्न भाषा-आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने का भी निर्णय लिया गया।
विश्व ओड़िया परिवार ने ओड़िया भाषा और संस्कृति के बीच संबंध को मजबूत करने के लिए लोगों से जन्मदिन तथा अन्य सामाजिक और सांस्कृतिक पर्वों को ओड़िया तिथि-पंचांग के अनुसार मनाने का आग्रह किया। संस्था की ओर से भाषा के संरक्षण और जन-जन तक इसके प्रसार के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
परिचर्चा में भारतीय शिक्षा एवं अनुसंधान प्रतिष्ठान के डॉ. विष्णुप्रसाद आचार्य, भारतीय शिक्षा परिषद के बाबाजी कुमार, उत्कल विपन्न सहायता समिति के नारायण चौधरी, प्राणी शोधकर्ता एवं संरक्षणकर्ता प्रमोद कुमार धल, विवेकानंद विद्यालय समूह के बैरागी चरण नायक, शिक्षाविद अंजन देवता, सेवानिवृत्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रीतिप्रतिभा भोल, रामकृष्ण मिशन के प्रधान शिक्षक सुरेंद्र कुमार राउत, कवि एवं साहित्यकार मनोरंजन षडंगी, भारतीय विद्याविकास संस्थान के प्रमुख डॉ. करुणाकर प्रधान, विश्व ओड़िया परिवार के परिचालन प्रमुख भवानी प्रसाद मिश्र और सुरेश कुमार साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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