भुवनेश्वर: राजधानी भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार इलाके में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब भुवनेश्वर नगर निगम और भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण ने 330 ट्रांजिट हाउस को हटाने के लिए चरणबद्ध अभियान शुरू किया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी सामने आए और मकान तोड़ने से पहले पुनर्वास तथा वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने की मांग की।
नीलाद्रि विहार के फेज-1, फेज-2 और फेज-3 में यह अभियान चलाया जा रहा है। इलाके में करीब 890 ट्रांजिट हाउस हैं, जिनमें से 330 को मौजूदा अभियान के तहत हटाने के लिए चिन्हित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ये ट्रांजिट हाउस बुद्ध विहार आवास परियोजना के तहत लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए थे। कई लाभार्थियों को कथित तौर पर स्थायी आवास आवंटित किया जा चुका है, लेकिन कुछ लोग अब भी ट्रांजिट हाउस में रह रहे हैं। वहीं, कुछ निवासियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि वे पात्र लाभार्थी हैं और उन्हें अभी तक स्थायी आवास नहीं मिला है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि पात्र परिवारों को पहले वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए और पुनर्वास प्रक्रिया पूरी की जाए, उसके बाद ही ट्रांजिट हाउस हटाने की कार्रवाई की जाए।
विरोध और संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन प्लाटून पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जिनमें नंदनकानन, चंद्रशेखरपुर, चंदका और इन्फोसिटी थानों की टीमें शामिल थीं।
महिला निवासियों, स्थानीय युवाओं और परिवार के सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पुनर्वास एवं स्थानांतरण की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान BMC और बीडीए के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और कार्रवाई जारी रही।
ट्रांजिट हाउस हटाने की कार्रवाई के बीच इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में हालात नियंत्रण में रहे।
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