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2030 तक 11 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य
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उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने वैश्विक निवेशकों को दिया आमंत्रण
भुवनेश्वर। ओडिशा स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और औद्योगिक विस्तार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक लगभग 11 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारतीय विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता संघ (आईईईएमए) के एक प्रमुख सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने कहा कि ओडिशा आज बिजली अधिशेष (पावर सरप्लस) राज्य है और देश के ‘ऊर्जा विकास इंजन’ के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है। कार्यक्रम में उद्योग राज्यमंत्री संपद चंद्र स्वाईं भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘पूर्वोदय’ विजन के अनुरूप पूर्वी भारत को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ऊर्जा क्षेत्र को भी औद्योगिक प्रोत्साहन से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल सब-स्टेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित परिसंपत्ति प्रबंधन पर आधारित आधुनिक एवं मजबूत विद्युत प्रणाली विकसित करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रस्तावित 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों, ट्रांसफार्मरों और स्मार्ट ट्रांसमिशन उपकरणों की दीर्घकालिक मांग उत्पन्न होगी। पूर्वी भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित तथा उत्कृष्ट बंदरगाह संपर्क वाले ओडिशा को विद्युत उपकरण निर्माण उद्योग के लिए आदर्श केंद्र बताया गया। यहां विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने वाली कंपनियों को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आपूर्ति और निर्यात के लिए बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी।
कनक वर्धन सिंहदेव ने वैश्विक उद्योग जगत, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और निवेशकों से “ओडिशा में निर्माण करें, ओडिशा में नवाचार करें और ओडिशा के साथ आगे बढ़ें” का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को स्थिर औद्योगिक नीति, पारदर्शी प्रशासन और ऊर्जा एवं उद्योग विभागों की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य साइबर सुरक्षा से लैस आधुनिक ऊर्जा तंत्र विकसित कर ‘विकसित ओडिशा, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करना है।
उद्योग राज्यमंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने कहा कि ओडिशा का मजबूत औद्योगिक वातावरण, प्लग-एंड-प्ले आधारभूत संरचना तथा निवेशक-अनुकूल नीतियां हरित विनिर्माण और उच्च प्रौद्योगिकी उपकरण उद्योगों के लिए राज्य को सबसे आकर्षक गंतव्य बनाती हैं।
सम्मेलन में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक भास्कर ज्योति शर्मा, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, आईईईएमए के अध्यक्ष विक्रम गंडोत्रा, महानिदेशक चारु माथुर, पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष उत्कर्ष बंसल, उपाध्यक्ष पाराग सराफ सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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