Home / Odisha / किशोरों को संस्कार, सिद्धांत एवं नैतिक मूल्य कभी नहीं छोड़ना – जितेंद्र बैद

किशोरों को संस्कार, सिद्धांत एवं नैतिक मूल्य कभी नहीं छोड़ना – जितेंद्र बैद

  •     तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर ने किशोर दिवस उत्साहपूर्वक मनाया

भुवनेश्वर। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में देशभर में आयोजित किए जा रहे किशोर दिवस के अंतर्गत तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में किशोर दिवस का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। परिषद् अध्यक्ष जितेंद्र बैद ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। 13 से 19 वर्ष की आयु के दौरान किशोरों के चिंतन, व्यवहार, मानसिक एवं शारीरिक विकास में अनेक परिवर्तन आते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक विद्यार्थी शिक्षा के लिए घर से दूर रहते हैं, लेकिन उन्हें अपने जैन संस्कारों, सिद्धांतों एवं नैतिक मूल्यों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से किशोरों को एकता, अनुशासन एवं धर्म-संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

किशोर दिवस में 6 किशोरों की सहभागिता रही। रीयूनियन के माध्यम से सभी किशोरों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया तथा उन्हें परिषद् की आगामी गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही दिसंबर माह में 15 से 31 दिसंबर के मध्य किशोर फिएस्टा का आयोजन किशोर मंडल, भुवनेश्वर द्वारा किए जाने की प्रेरणा भी दी गई।

इस अवसर पर जैन संस्कार विधि के माध्यम से किशोरों एवं युवाओं का सामूहिक जन्मदिवस भी मनाया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में देशभर में संचालित जैन संस्कार विधि आज संस्कार निर्माण का प्रभावी माध्यम बन रही है। कार्यक्रम में जैन संस्कारक विशाल दुग्गड़ ने विधिपूर्वक जैन संस्कार विधि का संचालन कर जन्मदिवस संस्कार संपन्न कराया।

गरिमामयी उपस्थिति में उपासिका प्रेमलता सेठिया एवं सभा मंत्री वीरेंद्र बेताला ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए किशोरों को आध्यात्मिक जीवन एवं संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन परिषद् मंत्री सौरभ जी बेताला ने किया। अंत में सभी उपस्थितजनों ने हर्षोल्लास के साथ किशोर दिवस का उत्सव मनाया तथा संस्कार, संगठन और सदाचार के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

मंत्र दीक्षा कार्यशाला का सफल आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की प्रेरणा एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में बच्चों में आध्यात्मिक संस्कार, अनुशासन एवं नियमित साधना की भावना विकसित करने के उद्देश्य से देशभर में “मंत्र दीक्षा कार्यशालाओं” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर द्वारा मंत्र दीक्षा कार्यशाला का सफल आयोजन तेरापंथ भवन में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुआ।

छोटे-छोटे संकल्प ही जीवन में बड़े परिवर्तन का आधार

परिषद् अध्यक्ष जितेन्द्र बैद ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मंत्र दीक्षा बच्चों के जीवन में आध्यात्मिक जागरण एवं श्रेष्ठ संस्कारों का सशक्त माध्यम है। उन्होंने ज्ञानशाला को व्यक्तित्व निर्माण का अत्यंत उपयोगी एवं महत्वपूर्ण उपक्रम बताते हुए कहा कि छोटे-छोटे संकल्प ही जीवन में बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। अभातेयुप के निर्देशानुसार 9 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके 8 ज्ञानार्थियों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। परिषद् की ओर से सभी बच्चों को मंत्र दीक्षा पुस्तक भेंट स्वरूप प्रदान की गई। कार्यशाला में सभा अध्यक्ष रणजीत जी बैद एवं उपासिका श्रीमती प्रेमलता जी सेठिया की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रेमलता सेठिया ने बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान किया

सभा मंत्री वीरेंद्र बेताला, ज्ञानशाला मुख्य संयोजिका संतोष सेठिया तथा ज्ञानशाला सहयोगी राहुल दुग्गड़ ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए। उपासिका प्रेमलता सेठिया ने बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान करते हुए नवकार मंत्र के आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला।  कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यशाला संयोजक प्रमोद सेठिया, ज्ञानशाला सहयोगी राहुल दुगेगड़, परिषद् मंत्री सौरव बेताला, कोषाध्यक्ष दिलीप मुनोत, तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर के समस्त कार्यकर्ताओं एवं ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा।

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