Home / Odisha / गुरु पूर्णिमा पर भुवनेश्वर में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

गुरु पूर्णिमा पर भुवनेश्वर में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

  •  मुस्लिम साधिका आश्मा ने बांटी नारायण रेकी की दीक्षा, सैकड़ों महिलाओं ने लिया भाग

​भुवनेश्वर (ओडिशा):​नारायण रेकी सत्संग परिवार (NRSP) द्वारा गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व पूरे देश में आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक सीमाओं से परे जाकर सांप्रदायिक सौहार्द, आंतरिक शांति और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा संदेश सामने आया।
​जहाँ नारायण रेकी सत्संग परिवार की संस्थापिका राजेश्वरी मोदी—जिन्हें श्रद्धालु प्यार से ‘राज दीदी’ कहते हैं—ने मुंबई में गुरु पूर्णिमा का मुख्य पूजन संपन्न किया; वहीं उनकी प्रमुख शिष्या आश्मा ने भुवनेश्वर में भव्य गुरु पूजन कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
​भुवनेश्वर के इस कार्यक्रम में उड़िया, गुजराती, मारवाड़ी, तेलुगु और बंगाली सहित विभिन्न भाषाई व सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया।
​एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आश्मा आज पूरे ओडिशा में एक सम्मानित आध्यात्मिक गुरु और रेकी साधिका के रूप में पहचानी जाती हैं। दक्षिणी जिले मलकानगिरी से लेकर उत्तरी जिले बालेश्वर तक, विशेष रूप से हिंदू समाज के बीच उनकी काफी लोकप्रियता है। साधिकाओं का मानना है कि आश्मा द्वारा सिखाए गए नारायण रेकी के अभ्यासों से उनके जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और मानसिक शांति का संचार हुआ है।
​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साधिकाओं ने कहा कि आश्मा का जीवन और उनके विचार इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि अध्यात्म और जनकल्याण की कोई जाति या धर्म नहीं होता।
​भुवनेश्वर के इस आयोजन में सामूहिक रेकी हीलिंग, भक्ति संगीत और सकारात्मक जीवनशैली पर विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिसका समापन समाज में शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे की प्रार्थना के साथ हुआ।
​उल्लेखनीय है कि राजेश्वरी मोदी (‘राज दीदी’) को समग्र उपचार (होलिस्टिक हीलिंग), आध्यात्मिक शांति और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देने में उनके निस्वार्थ योगदान के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (UK) द्वारा ब्रिटिश संसद में सम्मानित किया जा चुका है।
​महिलाओं के सशक्तिकरण और देश भर में सकारात्मकता फैलाने की उनकी दशकों की सेवा के लिए उन्हें लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के साथ-साथ नारी रत्न, समाज रत्न और मेयर्स अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी अलंकृत किया गया है।
​उनकी प्रमुख शिष्या आश्मा ओडिशा में इस मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं और विशेष रूप से राज्यभर के हिंदू समुदाय के बीच आस्था और सद्भावना का एक अटूट पुल निर्माण कर रही हैं।

Share this news

About desk

Check Also

IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

जाजपुर में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़

    दो महिलाओं समेत पांच हिरासत में     मुख्य डाकघर के पास मकान …