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जलमग्न शिवलिंग पर बहता दिखा निर्मल जल
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गंगाहर नदी के मटमैले पानी से घिरा बाबा कखरुआ बैद्यनाथ मंदिर
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गर्भगृह में शिवलिंग पर स्वच्छ जल देख श्रद्धालु बोले-यह भगवान शिव का चमत्कार
मयूरभंज। एक ओर लगातार बारिश और बाढ़ ने ओडिशा के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मयूरभंज जिले के बड़साही प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा कखरुआ बैद्यनाथ मंदिर में आस्था से जुड़ा एक ऐसा दृश्य देखने को मिला है, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
गंगाहर नदी के उफान पर होने से बाढ़ का पानी मंदिर परिसर और गर्भगृह तक पहुंच गया है। मंदिर में स्थापित पवित्र शिवलिंग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। चारों ओर बाढ़ का पानी होने के कारण मंदिर तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन इसी बीच एक अनोखा नजारा लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है।
मंदिर के बाहर गंगाहर नदी का पानी मिट्टी और गाद के कारण गहरा, मटमैला और लालिमा लिए हुए दिखाई दे रहा है। इसके विपरीत, गर्भगृह के भीतर शिवलिंग पर बहता पानी पूरी तरह स्वच्छ, पारदर्शी और निर्मल नजर आ रहा है। शिवलिंग के चारों ओर बहती साफ जलधारा और उसकी हल्की लहरें श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर रही हैं।
इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे भगवान शिव की विशेष कृपा और दिव्य चमत्कार मान रहे हैं, जबकि अनेक श्रद्धालु इसे कठिन समय में आस्था और विश्वास का प्रतीक बता रहे हैं।
बाढ़ के कारण आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित है, कई गांव जलमग्न हैं और लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे संकट के बीच बाबा कखरुआ बैद्यनाथ मंदिर में दिखाई दे रहा यह अद्भुत दृश्य लोगों के लिए आशा, श्रद्धा और आध्यात्मिक विश्वास का केंद्र बन गया है।
उधर, स्थानीय प्रशासन गंगाहर नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। लगातार हो रही वर्षा के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
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