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किताबों में त्रुटि को लेकर बीजद ने फूंका बिगुल
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मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाएगा अभियान
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शिक्षा बचाओ आंदोलन के तहत 17 और जिलों में होगा प्रदर्शन
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380 करोड़ के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
भुवनेश्वर। ओडिशा में कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में त्रुटियां मिलने के मामले को लेकर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला किया है। पार्टी ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है।
बीजद के युवा और छात्र संगठनों ने अब तक राज्य के 16 संगठनात्मक जिलों में विरोध-प्रदर्शन किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में आंदोलन को 17 अन्य जिलों तक विस्तार दिया जाएगा। साथ ही मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यस्तरीय विरोध सभा आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
बीजद ने कहा कि सरकार के निर्देश पर अपराध शाखा कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों में हुई त्रुटियों की जांच कर रही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छात्रों को त्रुटिरहित नई किताबें कब उपलब्ध कराई जाएंगी।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा केवल संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रही है, जबकि पुस्तकों की सामग्री तैयार करने वाली कोर कमेटी के सदस्यों और अन्य जिम्मेदार गैर-सरकारी व्यक्तियों को बचाया जा रहा है। बीजद ने सवाल उठाया कि आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
गुजरात की कंपनी से छपाई पर भी उठाए सवाल
बीजद नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पर्याप्त मुद्रण क्षमता होने के बावजूद पाठ्यपुस्तकों की छपाई गुजरात की एक निजी कंपनी से कराई गई। पार्टी ने मांग की कि इस आउटसोर्सिंग का निर्णय किसके आदेश पर लिया गया, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकार इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करे।
बीजद के वरिष्ठ नेता अरुण साहू ने आरोप लगाया कि नई पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में ₹380 करोड़ के भ्रष्टाचार की आशंका है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार इस मामले की सीबीआई जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग करती रही है, लेकिन सरकार अब तक सच्चाई सामने लाने में विफल रही है।
बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों के भविष्य पर चिंता
बीजद का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में केवल दो से तीन महीने का समय शेष है, लेकिन त्रुटिपूर्ण पुस्तकों को अब तक वापस नहीं लिया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
‘शिक्षा बचाओ आंदोलन‘ के बैनर तले बीजू युवा जनता दल और छात्र जनता दल राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और त्रुटिरहित पुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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