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और 36 को सैद्धांतिक मंजूरी
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रेल माल परिवहन को मिलेगी रफ्तार
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केंद्रापड़ा के पोरजनपुर में नए टर्मिनल के प्रस्ताव पर भी विचार
भुवनेश्वर। ओडिशा रेल माल परिवहन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्र सरकार की गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) योजना का प्रमुख लाभार्थी राज्य बन गया है। राज्य में अब तक 12 कार्गो टर्मिनल चालू हो चुके हैं, जबकि 36 नए टर्मिनलों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्रापड़ा लोकसभा क्षेत्र के पोरजनपुर में एक नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की स्थापना के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति का उद्देश्य निजी निवेश को बढ़ावा देना, रेल के जरिए माल ढुलाई को तेज, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
देशभर में फिलहाल 142 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान इन टर्मिनलों के माध्यम से 14.6 करोड़ टन माल की ढुलाई हुई है और करीब 10,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित हुआ है। इसके अलावा 310 नए टर्मिनलों को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।
ओडिशा में संचालित 12 कार्गो टर्मिनल पारादीप (तीन टर्मिनल), केचोबहाल-लाइकेरा (झारसुगुड़ा), जाजपुर-केंदुझर रोड (जाजपुर), ब्रजराजनगर (झारसुगुड़ा), माछपाड़ा (कटक), बरपाली रोड (सुंदरगढ़), सोगरा (संबलपुर), वृंदामल (झारसुगुड़ा), जखपुरा (जाजपुर) और बंडामुंडा जंक्शन (सुंदरगढ़) में स्थित हैं। इनसे राज्य के उद्योगों, बंदरगाहों और खनन क्षेत्रों में माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इन कार्गो टर्मिनलों में गोदाम, साइलो और शीतगृह जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे सीमेंट, इस्पात, कोयला, उर्वरक, खाद्यान्न, वाहन तथा कृषि उत्पादों की ढुलाई अधिक सुगमता से हो सकेगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, मालगाड़ियों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, सड़क परिवहन पर निर्भरता घटेगी तथा रोजगार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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