भुवनेश्वर। ओडिशा में जेलों की सुरक्षा को औरमजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने आधुनिक तकनीकों और सख्त निगरानी व्यवस्था परजोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जेल विकास बोर्ड की चौथी बैठक में इससंबंध में चर्चा की गई। बैठक में पिछले एक वर्ष के दौरान जेल निदेशालय द्वारासुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि राज्य की 20 जेलों मेंकृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरे और वीडियो एनालिटिक्स सिस्टमस्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा जेलों की चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने औरकंटीले तार लगाने जैसे उपाय भी किए गए हैं। आधुनिक उपकरणों का उपयोग शुरूसुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए ड्रोन, बॉडी-वॉर्न कैमरा, हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर औरमोबाइल फोन का पता लगाने वाले नॉन-लिनियर जंक्शन डिटेक्टर जैसे आधुनिक उपकरणों काउपयोग शुरू किया गया है। साथ ही जेलों में जेल खुफिया इकाई का गठन किया गया है औरसजायाफ्ता कैदियों को आंतरिक सुरक्षा कार्यों में लगाया जा रहा है।प्रत्येक कैदी को सप्ताह में दो बार कॉल की अनुमतिबोर्ड ने कैदियों के लिए टेलीफोन सुविधा के नियमोंको सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया। इसके तहत प्रत्येक कैदी को सप्ताह में दोबार, चार-चार मिनट की कॉल की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएरखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों, जिला पुलिस और खुफियाएजेंसियों द्वारा नियमित सुरक्षा ऑडिट और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।अनुशासनहीनता या लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई केनिर्देशबैठक में जेलों में अनुशासनहीनता या लापरवाही परकड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायाधीशों और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा नियमित निरीक्षणकी जानकारी भी साझा की गई।कैदियों के जीवन स्तर में सुधार और पुनर्वास केलिए कई पहलसुरक्षा के साथ-साथ कैदियों के जीवन स्तर मेंसुधार और उनके पुनर्वास के लिए भी कई पहल की गई हैं। राज्य की 74 जेलों में 118योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जबकि 36 जेलों में 61 मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता तैनात किए गए हैं।कैदियों को व्यस्त रखने के लिए जेलों में 96 सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए गए हैं।कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत 1,636कैदी प्रशिक्षितबैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में कौशल विकासऔर व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत 1,636 कैदियों को प्रशिक्षित किया गया। जेल मेंबने उत्पादों की ब्रांडिंग और मानकीकरण पर भी कार्य किया जा रहा है। जामुझरी स्थितओपन एयर जेल में औषधीय पौधरोपण परियोजना भी शुरू की गई है। इसके अलावा पात्रकैदियों के लिए उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने का विशेषअभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक 2,418 अपीलऔर 256 एसएलपी दायर की जा चुकी हैं।218 कैदियों ने परीक्षाएं उत्तीर्ण की शैक्षणिक पहल के तहत वर्ष 2025-26 में 218 कैदियोंने मैट्रिक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की परीक्षाएं एनआईओएस, इग्नू और ओएसओयू के माध्यम से उत्तीर्ण की हैं।चौद्वार जेल में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान स्थापितकरने पर विचार बैठक में भुवनेश्वर, जाजपुर और भद्रक में नए मॉडल जेलों के निर्माण सहित बुनियादी ढांचे केविकास पर भी चर्चा हुई। कैदियों के लिए बेहतर भोजन, शुद्ध पेयजल, उचित मजदूरी, नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना और कटक के चौद्वार जेल में मानसिकस्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।बोर्ड ने राज्य की जेलों को अधिक सुरक्षित बनानेके साथ-साथ कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ हीसुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और अधिक ओपन एयर जेल स्थापित करने पर भी जोरदिया गया। वर्ष 2022 में गठित इस बोर्ड में नौ विभागों के सचिवों के साथ-साथकारागार महानिदेशक और सुधार सेवा निदेशक शामिल हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
