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गुरुवार को भव्य पहंडी बीजे के साथ शुरू होगी महाप्रभु की वार्षिक यात्रा
भुवनेश्वर। पुरी रथ यात्रा के लिए पूर्ण रुप से तैयार है। तीनों रथ श्रीमंदिर के सिंहद्वार के सामने लगाये जा चुके हैं। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने रथयात्रा के लिए समय सारणी के बारे में जानकारी दी है।
विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा गुरुवार को पुरी में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित होगी। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा श्रीमंदिर से निकलकर अपने-अपने रथों पर विराजमान होंगे और गुंडिचा मंदिर की वार्षिक यात्रा पर प्रस्थान करेंगे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, रथयात्रा के दिन धार्मिक नीतियों की शुरुआत सुबह लगभग 9 बजे भोग मंडप में मंगल धूप से होगी। इसके बाद प्रातःकालीन भोग के दौरान तीनों रथों की विधिवत पूजा और संस्कार संपन्न किए जाएंगे। मंगलार्पण नीति सुबह 9:15 बजे आयोजित की जाएगी।
रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान पहंडी बीजे सुबह 9:30 बजे शुरू होने की संभावना है। इस दौरान महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को गर्भगृह से बाहर लाकर जय जगन्नाथ के उद्घोष और भक्तिमय वातावरण के बीच उनके निर्धारित रथों तक पहुंचाया जाएगा। यह प्रक्रिया मध्याह्न भोग की नीति पूरी होने तक जारी रहेगी।
पहंडी बीजे के बाद परंपरा के अनुसार मदनमोहन, भगवान राम और भगवान कृष्ण के प्रतिनिधि विग्रहों की भी विशेष शोभायात्रा निकाली जाएगी।
रथयात्रा के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल छेरा पहंरा नीति दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच संपन्न होगी। इस दौरान पुरी के गजपति महाराजा स्वर्ण झाड़ू से तीनों रथों की सफाई कर भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी विनम्रता और समर्पण व्यक्त करेंगे। यह अनुष्ठान समानता और सेवाभाव का प्रतीक माना जाता है।
छेरा पहंरा के बाद तीनों रथों को यात्रा के लिए तैयार किया जाएगा। रथों में रस्सियां बांधी जाएंगी और घोड़े व सारथी अपनी निर्धारित जगहों पर तैनात होंगे।
कार्यक्रम के अनुसार, तीनों रथों को खींचने की प्रक्रिया शाम 4 बजे शुरू होगी। इसके साथ ही भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक की वार्षिक यात्रा आरंभ होगी।
समय पर पहंडी शुरू होने की उम्मीद: श्रीमंदिर मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी
श्रीजगन्नाथ रथयात्रा से पहले श्रीमंदिर में चल रही सभी धार्मिक नीतियां निर्धारित परंपरा के अनुसार सुचारू रूप से संपन्न हो रही हैं। श्रीजगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने पुरी में आज आज्ञामाला बिजे अनुष्ठान के बाद यह जानकारी दी।
अरविंद पाढ़ी ने कहा कि मंगलवार को संपन्न हुआ नवयौवन दर्शन पूरी तरह सफल रहा और आज उभा यात्रा की सभी नीतियां भी निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरुवार को रथयात्रा के अवसर पर सुबह 9 बजे से 9:30 बजे के बीच पहंडी बीजे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अनधिकृत व्यक्ति को रथों पर चढ़ने की अनुमति नहीं
उन्होंने रथों की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा को लेकर कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को रथों पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रथों पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
रथों पर होने वाली सभी गतिविधियों की वीडियोग्राफी की जाएगी
मुख्य प्रशासक ने कहा कि रथों पर होने वाली सभी गतिविधियों की वीडियोग्राफी की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां
रथयात्रा के लिए वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी श्रेणी के भक्तों के लिए सुचारू दर्शन, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
मुख्य प्रशासक ने श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण ढंग से रथयात्रा में भाग लेने की अपील की।
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