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ओडिशा की प्रशासनिक टीम काकद्वीप पहुंची
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शवों की स्थिति बिगड़ने से पहचान मुश्किल
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पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट के बाद ही परिजनों को सौंपे जाएंगे पार्थिव शरीर
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15 मछुआरे अब भी लापता
बालेश्वर। बंगाल की खाड़ी में ट्रॉलर पलटने की दर्दनाक घटना के बाद मृत मछुआरों की पहचान के लिए प्रशासन ने डीएनए परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार समुद्र में लंबे समय तक रहने के कारण कई शवों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान करना संभव नहीं है। ऐसे में पोस्टमार्टम के बाद डीएनए जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
जिला प्रशासन ने बताया कि डीएनए जांच रिपोर्ट आने में लगभग सात दिन का समय लग सकता है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी और उनके पार्थिव शरीर संबंधित परिवारों को सौंपे जाएंगे।
पोस्टमार्टम के बाद होगी डीएनए जांच
जिला प्रशासन के अनुसार सभी बरामद शवों का पहले पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से डीएनए नमूने लेकर उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि शवों की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण केवल दृश्य पहचान पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा। इसलिए किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए डीएनए परीक्षण का निर्णय लिया गया है।
ओडिशा की प्रशासनिक टीम काकद्वीप पहुंची
हादसे के बाद बालेश्वर जिला प्रशासन के निर्देश पर ओडिशा की एक प्रशासनिक टीम पश्चिम बंगाल के काकद्वीप पहुंच गई है।
टीम ने वहां पश्चिम बंगाल प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर बचाव अभियान, मृतकों की पहचान, डीएनए जांच, पोस्टमार्टम तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
दोनों राज्यों के अधिकारी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
15 मछुआरे अब भी लापता, तीन ओडिशा के निवासी
ट्रॉलर हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन के अनुसार अभी भी 15 मछुआरे लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए खोज अभियान चलाया जा रहा है।
लापता मछुआरों में तीन मछुआरे ओडिशा के बताए गए हैं। तटरक्षक बल और अन्य संबंधित एजेंसियां समुद्र में लगातार खोज अभियान चला रही हैं, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों की चिंता बढ़ी
हादसे के बाद प्रभावित परिवारों में गहरा शोक और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी तथा सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सम्मानपूर्वक सौंपे जाएंगे।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जब तक सभी लापता मछुआरों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज एवं बचाव अभियान जारी रहेगा। साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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