भुवनेश्वर, ओडिशा सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने वाली अपनी महत्वाकांक्षी ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27’ के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी कर दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री *प्रवती परिडा* ने मंगलवार को पर्यटन भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में योजना की गाइडलाइन का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर प्रवती परिडा ने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके माध्यम से बुजुर्ग नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा और सरकार के पूर्ण सहयोग के साथ देश के प्रतिष्ठित तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवनभर परिवार और समाज के लिए योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों की आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक 45,555 से अधिक वरिष्ठ नागरिक राज्य सरकार के सहयोग से देश के विभिन्न पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इस योजना को समाज के सभी वर्गों से व्यापक सराहना मिली है।
15 जुलाई से 14 अगस्त तक किए जा सकेंगे आवेदन
पर्यटन मंत्री ने बताया कि *वित्तीय वर्ष 2026-27* के लिए आवेदन प्रक्रिया *15 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026* तक चलेगी। पात्र वरिष्ठ नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे।
ऑनलाइन आवेदन राज्य सरकार के पोर्टल yatra.odisha.gov.in के माध्यम से किए जा सकेंगे, जबकि ऑफलाइन आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित कार्यालयों में जमा किए जा सकेंगे।
गाइडलाइन में आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी प्रक्रिया
जारी दिशा-निर्देशों में योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से शामिल किया गया है। इनमें—
पात्रता की शर्तें,
आवेदन प्रक्रिया,
लाभार्थियों के चयन की व्यवस्था,
यात्रा संचालन की प्रक्रिया,
प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी प्रावधान
स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु ढंग से संचालित हो सके।
सरकार वहन करती है यात्रा की जिम्मेदारी
सरकार की इस योजना के तहत चयनित वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक तीर्थ यात्रा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया का संचालन पर्यटन विभाग और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के सहयोग से किया जाता है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव बलवंत सिंह, पर्यटन निदेशक दीपंकर मोहापात्र, आईआरसीटीसी भुवनेश्वर के क्षेत्रीय अधिकारी अनुज दत्ता सहित पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
समावेशी शासन का उदाहरण बनी योजना
राज्य सरकार का कहना है कि ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना’ समावेशी एवं संवेदनशील शासन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आयु या आर्थिक स्थिति किसी भी वरिष्ठ नागरिक की धार्मिक एवं आध्यात्मिक इच्छाओं को पूरा करने में बाधा न बने। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र बुजुर्गों को इस योजना से जोड़कर उन्हें सम्मानपूर्वक तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है।
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