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सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश
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राज्य में अब तक 348.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज
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कई जिलों में अब भी वर्षा की कमी
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बौध, सोनपुर और कंधमाल में रिकॉर्ड से अधिक वर्षा
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नवरंगपुर, कलाहांडी, रायगड़ा, मालकानगिरि और मयूरभंज में सामान्य से कम बारिश
भुवनेश्वर। ओडिशा में इस वर्ष मानसून का असर मिला-जुला रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 13 जुलाई 2026 तक राज्य में कुल मिलाकर सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन विभिन्न जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है।
भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अब तक 348.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 334.4 मिलीमीटर रही। इस प्रकार राज्य में औसत से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
चार जिलों में सबसे अधिक वर्षा
राज्य के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में सबसे अधिक वर्षा हुई है। बौध में 636.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 120 प्रतिशत अधिक है। सोनपुर में 650.5 मिलीमीटर वर्षा के साथ 97 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि कंधमाल में 527.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 63 प्रतिशत अधिक है।
उत्तरी ओडिशा में सामान्य से कम वर्षा
इसके विपरीत दक्षिणी और उत्तरी ओडिशा के कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। नवरंगपुर में 42 प्रतिशत, कलाहांडी में 36 प्रतिशत, मालकानगिरि में 23 प्रतिशत, मयूरभंज में 22 प्रतिशत तथा रायगड़ा में 20 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई।
तटीय क्षेत्रों में मानसून अपेक्षाकृत सक्रिय रहा
वहीं तटीय क्षेत्रों में मानसून अपेक्षाकृत सक्रिय रहा। कटक में सामान्य से 29 प्रतिशत, केंद्रापड़ा में 30 प्रतिशत तथा जगतसिंहपुर में 23 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण तटीय जिलों में मानसून सक्रिय बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि वर्षा के असमान वितरण का असर खरीफ फसलों, सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन पर पड़ सकता है। किसानों को स्थानीय स्तर पर होने वाली भारी बारिश और बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नजर रखने तथा उसी के अनुरूप कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
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