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सीआरपीएफ, बीएसएफ और आरएएफ संभालेंगे सुरक्षा की कमान
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नौसेना, तटरक्षक बल और मरीन पुलिस करेगी समुद्री निगरानी
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पुरी में अभेद सुरक्षा कवच
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अधिकारीवार जिम्मेदारियां तय, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित होगी रथयात्रा – डीजीपी
भुवनेश्वर। विश्वविख्यात श्रीजगन्नाथ रथयात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ओडिशा सरकार और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने घोषणा की है कि इस वर्ष रथयात्रा के दौरान राज्य पुलिस के साथ 15 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की भी तैनात की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय और अत्याधुनिक बनाया जा रहा है ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में महाप्रभु के दर्शन का अवसर मिल सके।
डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर अधिकारीवार जिम्मेदारियां भी निर्धारित कर दी गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष की रथयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगी।
रथयात्रा के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तथा रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 15 कंपनियां राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। इन बलों की तैनाती मंदिर परिसर, ग्रैंड रोड (बड़दांडा), रथ मार्ग, प्रमुख चौराहों, पार्किंग स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी।
इसके अलावा भीड़ नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
समुद्री सीमा पर भी रहेगी कड़ी निगरानी
पुरी समुद्र तट और तटीय क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस बार भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और मरीन पुलिस संयुक्त रूप से समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। समुद्र के रास्ते किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए लगातार गश्त, निगरानी और समन्वित अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु समुद्र तट पर भी पहुंचते हैं। ऐसे में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना आवश्यक है।
अधिकारीवार जिम्मेदारियां तय, हर स्तर पर होगी निगरानी
डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियां पहले ही तय कर दी गई हैं। प्रत्येक अधिकारी को उसके कार्यक्षेत्र और दायित्व स्पष्ट रूप से सौंप दिए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, जिला प्रशासन, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, यातायात पुलिस तथा अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए विशेष तैयारी
रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा जांच, संवेदनशील स्थलों की निगरानी तथा आपातकालीन सहायता के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
श्रद्धा और सुरक्षा का संतुलन रहेगा सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रथयात्रा की धार्मिक गरिमा, परंपराओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा-तीनों को समान महत्व दिया जाएगा। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों की संयुक्त तैनाती तथा बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्वविख्यात रथयात्रा-2026 पूरी श्रद्धा, शांति और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो।
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