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श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सरकार का विशेष जोर
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर लिया गया फैसला
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अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक
भुवनेश्वर। भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा सरकार ने इस वर्ष बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में रथ कॉर्डन के लिए जारी किए जाने वाले वीआईपी और वीवीआईपी पासों की संख्या आधी कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर लिया गया है।
राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पासों की संख्या घटाने का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ कम करना और रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी और श्रद्धालु अधिक सुरक्षित वातावरण में भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
कॉर्डन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित
कानून मंत्री ने बताया कि रथों के चारों ओर बनाए गए आंतरिक कॉर्डन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अनधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति होगी। प्रशासन इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराएगा।
अनुभवी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
रथयात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के बीच कई चरणों में समन्वय बैठकें आयोजित की गई हैं। इसके अलावा सभी सेवायतों के साथ भी विस्तृत चर्चा कर आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त रथयात्रा पर विशेष फोकस
कानून मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन, सेवायतों और श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की रथयात्रा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त होगी।
उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को आयोजित अंतिम रथ समन्वय बैठक में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि रथयात्रा का संचालन पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और हादसामुक्त होना चाहिए। विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत रथों के आंतरिक सुरक्षा घेरे में अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की पहल
राज्य सरकार का मानना है कि रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। वीआईपी और वीवीआईपी पासों की संख्या में कमी का निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आम श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिलेगी और रथयात्रा का आयोजन सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकेगा।
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