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एमसीए का साइबर अलर्ट, कंपनी मालिक रहें सतर्क

  •    फर्जी कॉल-व्हाट्सएप और ईमेल से साइबर ठगी का खतरा बढ़ा

  •     एमसीए कभी भी व्हाट्सएप या मोबाइल कॉल से कार्रवाई की सूचना नहीं देता – कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

  •    पुरी सांसद और एक विधायक का व्हाट्सएप हैक होने के बाद बढ़ी चिंता

भुवनेश्वर। ओडिशा में हाल के दिनों में बढ़ते साइबर हमलों के बीच भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने कंपनी मालिकों, निदेशकों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने सार्वजनिक हित में जारी परामर्श में कहा है कि उसके नाम पर फर्जी कॉल, व्हाट्सएप संदेश, ईमेल, फिशिंग लिंक, ज़िप फाइल और नकली वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि साइबर अपराधी स्वयं को एमसीए, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), आयकर विभाग तथा अन्य सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इनका उद्देश्य लोगों को भ्रमित कर गोपनीय, वित्तीय और व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना या उन्हें साइबर ठगी का शिकार बनाना है।

यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है, जब ओडिशा में भी साइबर हमलों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में पुरी के सांसद तथा राज्य के एक विधायक का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके नाम से लोगों को संदेश भेजे जाने की घटना सामने आई थी। इस तरह की घटनाओं ने जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कारोबारी जगत की भी चिंता बढ़ा दी है।

एमसीए ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी कंपनी या हितधारक से अनुपालन (कम्प्लायंस) अथवा प्रवर्तन (एन्फोर्समेंट) संबंधी मामलों में मोबाइल कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क नहीं करता। यदि किसी व्यक्ति को मंत्रालय के नाम से ऐसा कोई संदेश, कॉल या ईमेल प्राप्त होता है, तो उसकी सत्यता की जांच किए बिना कोई कार्रवाई न करें।

मंत्रालय ने हितधारकों को सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अनजान स्रोत से प्राप्त ज़िप फाइल या अन्य अटैचमेंट न खोलें तथा व्हाट्सएप, ईमेल या किसी भी अप्रमाणित माध्यम से बैंकिंग, वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

एमसीए ने कहा है कि किसी भी सूचना या संदेश की सत्यता केवल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से ही जांची जानी चाहिए। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध साइबर गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। वहीं, यदि मामला एमसीए की सेवाओं से जुड़ा हो, तो संबंधित व्यक्ति एमसीए हेल्पडेस्क के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ कंपनियों और उद्योगों को साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन), नियमित सुरक्षा अपडेट और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर इस प्रकार के हमलों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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