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परमवीर चक्र विजेता के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को किया नमन
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कहा- उनकी वीरगाथा सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी
भुवनेश्वर। कारगिल युद्ध के अमर वीर एवं परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
राज्यपाल डॉ हरि बाबू ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा भारत के उन वीर सपूतों में शामिल हैं, जिनकी असाधारण वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनका शौर्य, अटूट संकल्प और राष्ट्र के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव साहस और देशभक्ति का प्रतीक रहेगा। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को सम्मान, समर्पण और निस्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर वीरता की ऐसी अमिट मिसाल कायम की, जो युगों-युगों तक प्रत्येक भारतीय को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा का अमर बलिदान भारत के गौरव तथा तिरंगे की आन, बान और शान का शाश्वत प्रतीक है। राष्ट्र की सुरक्षा में उनके अतुलनीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और देश सदैव उनके साहस एवं बलिदान का ऋणी रहेगा।
कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा का शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनके बलिदान को पूरा राष्ट्र श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ स्मरण करता है।
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