-
कई गांवों का संपर्क टूटा, सड़कें जलमग्न, हजारों लोग प्रभावित
-
बैतरणी खतरे के निशान के करीब
-
कई जिलों में जलभराव और आवागमन ठप
-
प्रशासन हाई अलर्ट पर
भुवनेश्वर। डिप्रेशन के प्रभाव से पिछले कई दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गई हैं, कई गांवों का संपर्क कट गया है और घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैतरणी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे जाजपुर और भद्रक के निचले इलाकों में मामूली बाढ़ की आशंका के बीच सरकार ने अलर्ट जारी किया है। वहीं केंदुझर, सोनपुर, संबलपुर और अन्य जिलों में भारी बारिश से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
बैतरणी नदी खतरे के निशान के करीब
ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बैतरणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने जाजपुर और भद्रक जिलों के लिए एहतियाती अलर्ट जारी किया है। जल संसाधन विभाग ने आशंका जताई है कि बैतरणी नदी के खतरे के निशान को पार करने पर दोनों जिलों के निचले इलाकों में मामूली बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिला प्रशासन को चौकस रहने और सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
अखुआपड़ा में खतरे का निशान पार करने की संभावना
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत ने बताया कि सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण बैतरणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विभाग के अनुमान के अनुसार सोमवार शाम करीब चार बजे अखुआपदा में नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। इससे जाजपुर और भद्रक के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है। अखुआपदा और आसपास के गांवों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है।
बड़ी बाढ़ का फिलहाल खतरा नहीं
मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी बड़ी बाढ़ की आशंका नहीं है। राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हीराकुद बांध के फाटक खोलकर पानी छोड़ने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
सरकार ने जाजपुर और भद्रक जिला प्रशासन को तटबंधों और नदी किनारों पर लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग भी चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
महानदी और बैतरणी नदी बेसिन में सर्वाधिक वर्षा
जल संसाधन विभाग के अनुसार हालिया मानसूनी बारिश के दौरान महानदी और बैतरणी नदी बेसिन में सबसे अधिक औसत क्षेत्रीय वर्षा दर्ज की गई। लोअर महानदी बेसिन में 75.1 मिलीमीटर तथा अपर महानदी बेसिन में 72.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। लोअर ब्राह्मणी में 62.7 मिलीमीटर और बैतरणी बेसिन में 56.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा बूढ़ाबलंग बेसिन में 35.4 मिलीमीटर, अपर ब्राह्मणी में 32.1 मिलीमीटर, ऋषिकुल्या में 28.4 मिलीमीटर, सुवर्णरेखा में 26.3 मिलीमीटर तथा वंशधारा में 26.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। सबसे कम वर्षा गोदावरी तंत्र के साबरी बेसिन में 17.6 मिलीमीटर तथा नागावली बेसिन में 15.2 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई।
अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण
अधिकारियों के अनुसार अगले 24 घंटे स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। वर्षा की तीव्रता और नदियों में जलप्रवाह को देखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
केंदुझर में तेलकोई ब्लॉक में जनजीवन अस्त-व्यस्त
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने केंदुझर जिले के तेलकोई ब्लॉक में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई सड़कों पर पानी भर गया है, जबकि करडांगी ग्राम पंचायत के पांच गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। वहीं रविवार देर रात बाढ़ के तेज बहाव में एक कार बह गई, जिसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
घुरुदिया नाला उफान पर, पांच गांवों का संपर्क टूटा
तेलकोई क्षेत्र में रविवार भर हुई भारी बारिश के कारण घुरुदिया नाला उफान पर है। करडांगी गांव के पास स्थित पुल के ऊपर लगभग चार फीट पानी बह रहा है, जिससे करडांगी ग्राम पंचायत के पांच गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुल पर पानी बहने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
कई स्थानों पर अस्थायी पुल बह गए
लगातार बारिश के चलते क्षेत्र की कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई स्थानों पर अस्थायी पुल बाढ़ के पानी में बह गए हैं, जबकि अन्य पुलों के ऊपर पानी बहने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ के तेज बहाव में बह गई कार
रविवार देर रात सरेई गांव निवासी प्रवीण पात्र की कार घुरुदिया नाला पार करने के दौरान तेज बहाव में बह गई। वाहन का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
करडांगी पंचायत के प्रभावित गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क कट गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। स्थानीय लोगों को जलमग्न सड़कों, पुलों और नालों को पार नहीं करने तथा पानी का स्तर कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
हीराकुद बांध के गेट खोलने पर नहीं हुआ फैसला
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत ने बताया कि राज्य के अधिकांश जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण क्षमता उपलब्ध है और उनकी स्थिति सुरक्षित है। महानदी पर स्थित हीराकुद बांध के फाटक खोलकर पानी छोड़ने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सोनपुर में सबसे अधिक 328.4 मिमी बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में सबसे अधिक 328.4 मिलीमीटर वर्षा सोनपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा हीराकुद में 200.2 मिलीमीटर और संबलपुर में 193.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
कई जिलों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
बारिश और बाढ़ के पानी से कोरापुट, बालेश्वर, बलांगीर, केंदुझर और भद्रक सहित कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
भुवनेश्वर-कटक में घरों में घुसा पानी
राजधानी भुवनेश्वर और कटक में भी लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में घरों के भीतर पानी घुस गया, जिससे परिवारों को जलभराव के बीच रहने को मजबूर होना पड़ा। रिहायशी क्षेत्रों के बाहर घुटनों तक पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
