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बारिपदा में हुए हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
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राज्यभर में विशेष अभियान शुरू
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फिटनेस, परमिट और बीमा के बिना चलने वाले वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
भुवनेश्वर। मयूरभंज जिले के बारिपदा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद ओडिशा सरकार ने राज्यभर में बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और बीमा के चल रहे वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों को तत्काल जब्त करने तथा उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) को निलंबित अथवा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बारिपदा हादसे में शामिल दोनों वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़क पर चल रहे थे। इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए सरकार ने पूरे राज्य में सख्त प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
परिवहन आयुक्त एवं राज्य परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सोमवार को जारी आदेश (संख्या 12082/टीसी) के तहत सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ), रायरंगपुर और बारबिल के अतिरिक्त आरटीओ तथा खुर्दा के सहायक आरटीओ को तत्काल प्रभाव से विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
बताया गया है कि बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और बीमा वाले वाहनों के खिलाफ लगातार विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। लक्षित जांच के लिए वाहन पोर्टल से समाप्त हो चुके फिटनेस प्रमाणपत्रों की सूची प्राप्त की जाएगी। यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र को निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़क पर चल रहे और सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बने वाहनों के पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी और बिना वैध परमिट या बीमा के संचालित परिवहन वाहनों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। सभी प्रवर्तन अभियानों की साप्ताहिक रिपोर्ट परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजनी होगी।
इसके अलावा, जोनल उप परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने तथा सभी जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने को कहा गया है।
वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने बारिपदा हादसे में शामिल दोनों वाहनों का पंजीकरण तत्काल रद्द करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बीमा और परमिट की जांच को भी और अधिक सख्त बनाने का आदेश दिया है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्यभर में निरंतर और कठोर प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा, ताकि अनुपयुक्त और अवैध वाहनों को सड़कों से हटाया जा सके। विभाग ने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा से समझौता करने वाले वाहनों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।
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