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रायगड़ा के जंगल में माओवादियों का बड़ा जखीरा बरामद

  •    हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों का विशाल भंडार जब्त

  •    आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की सूचना पर हुई कार्रवाई

रायगड़ा। ओडिशा पुलिस को माओवादी विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। रायगड़ा जिले के अंबादला थाना क्षेत्र स्थित रघुवरी आरक्षित वन से माओवादियों के एक बड़े ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की गई है।

यह कार्रवाई 2 जुलाई को आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया सूचना के आधार पर जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान की गई।

स्टेनगन, राइफल और विस्फोटक सामग्री बरामद

रायगड़ा के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि बरामद सामग्री में स्टेनगन के पुर्जे, एक .303 राइफल, उसकी 37 गोलियां, एक देशी बंदूक, 9 एमएम की 25 गोलियां, 10 आरपीजीएल, स्टेनगन की तीन मैगजीन, कॉर्डेक्स वायर, कॉर्डेक्स नट, बारूद और कई खाली कारतूस शामिल हैं।

माओवादी साहित्य और दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिली

तलाशी के दौरान पुलिस ने माओवादी साहित्य, कैंपिंग सामग्री, खाद्य सामग्री तथा कंबल, छाता, चाकू, जूते-चप्पल सहित दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं भी जब्त कीं। अभियान के दौरान किसी संभावित आईईडी खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते की भी सहायता ली गई, जिसने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के बाद बरामदगी की कार्रवाई पूरी कराई।

भविष्य की हिंसक गतिविधियों की थी तैयारी

प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि यह जखीरा भाकपा (माओवादी) के बंसाधारा-घुमुसरा-नागावली डिवीजन का था। संगठन ने भविष्य में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से इन हथियारों और विस्फोटकों को जंगल में छिपाकर रखा था।

हार्डकोर माओवादियों के आत्मसमर्पण से संगठन काफी कमजोर

पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने कहा कि जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच कई हार्डकोर माओवादियों के आत्मसमर्पण से संगठन की गतिविधियां काफी कमजोर हुई हैं। इससे पहले 13 जून को भी अंबादला थाना क्षेत्र के डेपागुड़ा जंगल से माओवादियों का एक अन्य जखीरा बरामद किया गया था।

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