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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवस्तरीय बैठक आयोजित

  •     नीतिगत सुधारों, एआई उपयोग और विकास परियोजनाओं की समीक्षा

भुवनेश्वर। मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग की अध्यक्षता में आज खरबेल भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में सचिवस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव देओरंजन कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, चित्रा अरुमुगम, उषा पाढ़ी, सहित सभी विभागों के सचिव एवं वित्त विभाग के प्रमुख सचिव उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव ने राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की, जिनमें महिला उद्यमी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ, केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, पोषण व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, तकनीकी शिक्षा में आरक्षण वृद्धि तथा खेल, उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र में प्रगति शामिल है।

बैठक में शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया। साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, तकनीक के उपयोग और विभागीय प्रदर्शन सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। वैज्ञानिक शोध, डेटा विश्लेषण और फील्ड-स्तरीय परीक्षण के माध्यम से योजनाओं के प्रभाव को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

शिक्षा, कृषि, श्रम, खाद्य आपूर्ति, महिला सशक्तिकरण और सुशासन के क्षेत्रों में जे-पीएएल के साथ सहयोग विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। भविष्य में कृषि, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी श्रमिक, श्रम बाजार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और महिला आर्थिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

वित्त विभाग ने 30 जून 2026 तक राज्य की राजस्व एवं व्यय स्थिति की समीक्षा प्रस्तुत की। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कार्यक्रम व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, विशेषकर कृषि, सामाजिक क्षेत्र और विकास योजनाओं में। विभागों को बजट के प्रभावी उपयोग, पूंजीगत व्यय में तेजी और परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ओडिया भाषा आधारित एआई वॉयस बॉट पर प्रस्तुति दी। यह प्रणाली लाभार्थियों से सीधे संवाद कर फीडबैक संग्रह, सेवा गुणवत्ता आकलन और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई में सहायक होगी। साथ ही ओडिया ओसीआर तकनीक के माध्यम से पुराने हस्तलिखित अभिलेखों के डिजिटलीकरण की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

झारसुगुड़ा जिले के 25 प्रमुख विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत रोडमैप पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, परिवहन, एयरपोर्ट विस्तार, डिजिटल सेवाओं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की परियोजनाओं से रोजगार सृजन और समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में जिला कलेक्टर कुनाल मोतीराम चव्हाण ने प्रस्तुति दी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्यक्रम की जानकारी दी और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने हेतु जिला प्रशासन के सहयोग पर जोर दिया।

आगामी रथयात्रा के बाद की सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन हेतु “टीम ओडिशा” दृष्टिकोण के तहत विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अंत में मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के लिए डेटा-आधारित निर्णय, तकनीक का अधिकतम उपयोग, विभागीय समन्वय, समयबद्ध क्रियान्वयन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक है।

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